जिले की 235 में से 22 पंचायतों में टीबी का एक भी मामला नहीं, विभाग करेगा सम्मानित
काम आई लोगों की जागरूकता, जांच करवाने के लिए कर रहे स्वास्थ्य कर्मियों का सहयोग
इस साल के अंत तक हिमाचल को टीबी मुक्त बनाने का रखा है लक्ष्य
राजीव नैय्यर
कुल्लू। जिले की 235 में से 22 पंचायतों ने टीबी से जंग जीत ली है। इन पंचायतों में टीबी का एक भी मामला नहीं है। पिछले दो साल में चलाए जागरूकता अभियान और ग्रामीणों की प्रतिबद्धता के कारण जिले की 22 पंचायतें इनाम की हकदार बन गई हैं।
क्षय रोग के प्रति जागरूक होकर लोग अब टीबी जैसी बीमारी को हराने के लिए स्वास्थ्य विभाग का सहयोग कर रहे हैं। टीबी के लक्षण दिखने पर उपचार करवाने के लिए आगे आ रहे हैं। इस वजह से जिले की 22 पंचायतें दो साल में टीबी मुक्त हुई हैं। इन पंचायतों को स्वास्थ्य विभाग सम्मानित करेगा।
दरअसल, हिमाचल को इस साल के अंत तक टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार और स्वास्थ्य विभाग निरंतर लोगों को जागरूक कर रहे हैं। जागरूकता कार्यक्रमों के अलावा 100 दिन टीबी अभियान, घर-द्वार पर टीबी मरीजों की पहचान करने के लिए स्क्रीनिंग के अलावा टीबी चैंपियन को रोल मॉडल बनाया जा रहा है। पंचायतों की टीबी को हराने की प्रतिबद्धता का स्वास्थ्य विभाग सम्मान कर रहा है। पंचायतों को सम्मानित भी कर रहा है। इस बार भी टीबी मुक्त 22 पंचायतों के प्रतिनिधियों को सम्मानित करने की योजना है। इसके लिए विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। जल्द पंचायतों के अलावा टीबी को हराने में कार्य कर रहे स्वास्थ्य कर्मियों को पुरस्कृत किया जाएगा। उधर, जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सुरेश ने कहा कि जिले की 22 पंचायतों को जल्द सम्मानित किया जाएगा।
जिले की 22 ग्राम पंचायतों में टीबी के मरीज नहीं हैं। ये पंचायतें टीबी मुक्त घोषित कर दी गई है। इन पंचायतों को सम्मानित करने की तैयारी स्वास्थ्य विभाग कर रहा है। -डॉ. एनआर पवार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी