जगह-जगह भूस्खलन से रोपा-शांघड़ सड़क
एक माह बाद भी मार्ग बहाल न होने से खेतों में सड़ रही किसानों की सब्जियां
छोटे-बड़े वाहनों की आवाजाही बंद, सैंज घाटी से लौट रहे पर्यटक
अमर उजाला ब्यूरो
सैंज (कुल्लू)। उपमंडल बंजार के अंतर्गत आने वाली रोपा-शांघड़ सड़क भूस्खलन के कारण एक माह से बंद पड़ी है। जगह-जगह मलबा आने व पेड़ गिरने के कारण सड़क में छोटे-बड़े वाहनों की आवाजाही ठप है। ऐसे में लोगों को कई किमी पैदल चलकर गंतव्य तक पहुंचना पड़ रहा है। सैंज घाटी में आने वाले पर्यटकों को भी रोपा से ही वापस लौटना पड़ रहा है।
आठ किलोमीटर लंबी सड़क में जगह-जगह भूस्खलन हुआ है। लेकिन मिट्टी के ढेरों को अभी तक नहीं उठाया गया है। ग्रामीण नील कुमार, शेर सिंह, दविंद्र कुमार, हरीदास, सुरेश कुमार, रोशन लाल, तेजा सिंह, किशोरी लाल, रामलाल, डोला सिंह, जय सिंह, गोविंद सिंह, कर्मी राम, गिरी, एलेराम, ज्ञान चंद, पिंकू, ओम प्रकाश, रमेश कुमार, बबली, आलम, डाबे राम, लगन चंद, नारायण सिंह, शेरू, आबे चंद ने कहा कि रोपा-शांघड़ सड़क में एक माह से बसें व छोटे वाहनों की सुविधा लोगों को नहीं मिल रही है। इससे शांघड़ के बाशिंदों को मुश्किलें आ रही हैं। लेकिन विभाग ने अभी तक सड़क खोलने के लिए मशीनें नहीं भेजी हैं। उन्होंने कहा कि सड़क बहाल न होने से किसानों की सब्जियां खेतों में ही सड़ रही है। सब्जियों को सब्जी मंडी तक ले जाने में दिक्कतें आ रही है। सेब सीजन शुरू हो गया है। लेकिन पीठ पर उठाकर ही सेब को मुख्य सड़क तक लाना पड़ रहा है। लोक निर्माण विभाग और प्रशासन ने सड़क को बहाल करना जरूरी नहीं समझा है। एक माह से लोग सड़क बहाल होने का इंतजार कर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि रोपा-शांघड़ सड़क को जल्द बहाल किया जाए। लोक निर्माण विभाग के एसडीओ लारजी टहल सिंह राणा ने कहा कि मशीनें लगाकर जल्द सड़क को बहाल कर ग्रामीणों को सुविधा प्रदान की जाएगी।