कुल्लू/मनाली। जिला कुल्लू में शुक्रवार रात को हुई मूसलाधार बारिश से लोगों में अफरातफरी मच गई। पार्वती घाटी से लेकर ऊझी घाटी तक भारी बारिश होने से ब्यास समेत इसकी सहायक नदी व नाले उफान पर हैं। पार्वती घाटी के रशोल व छलाल क्षेत्र में बादल फटने से लोगों में आधी को अफरातफरी का माहौल रहा। बाढ़ से डरे व सहमे ग्रामीण रात भर जागते ही रहे।
ऊझी घाटी में भी भारी व मूसलाधार बारिश होने से मनालसू नाला, पागलनाला और धुंधी नालों का जलस्तर उफान पर है। इससे ब्यास नदी का जलस्तर बढ़ गया है। बाहंग स्थित एक होटल की सुरक्षा दीवार ब्यास नदी की चपेट में आने से ढह गई। बाढ़ में होटल का किचन सहित होटल का कुछ भाग भी ब्यास में बह गया। इसके अलावा हेलीटैक्सी सुविधा के लिए हाल ही में वशिष्ठ बिहाल में बनाए गए हेलीपैड पर भी ब्यास नदी का पानी घुस गया और पूरा हेलीपैड कीचड़ व पत्थरों से भर गया। उझी क्षेत्र के लिए बिछाई गई 11 केवी विद्युत लाइन के कुछ पोल भी इसकी चपेट में आ गए। ब्यास का जलस्तर बढ़ने से मनाली-रोहतांग मार्ग पर भूमि कटाव के चलते सड़क धंस गई है। नदी का बहाव नेहरू कुंड स्थित पुल के एक कोने पर आने से पुल को भी नुकसान होने की आशंका है। बाहंग निवासी रमेश कुमार के अनुसार शुक्रवार रात दो बजे वह ब्यास नदी का जलस्तर बढ़ने की आवाज सुनकर सहम गए और बाहर निकल गए। बुरूआ पंचायत प्रधान किशन ठाकुर तथा शनाग पंचायत प्रधान प्रताप ठाकुर ने नेहरूकुंड पुल की सुरक्षा के लिए समय रहते उचित कदम उठाने की मांग की है। तहसीलदार शमशेर सिंह व नायब तहसीलदार मोहन लाल ने बताया कि ब्यास, नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से स्थानीय लोगों को सावधान रहने की हिदायत दी है। कई जगहों पर ब्यास नदी से नुकसान पहुंचाया है। बारिश से जिला कुल्लू में करीब डेढ़ दर्जन सड़कों पर निगम की बस सेवा प्रभावित हो गई है। मलबा गिरने तथा भूस्खलन होने से सड़कों पर बस व अन्य वाहनों के पहिये थम गए हैं। उपायुक्त कुल्लू यूनुस ने कहा कि प्रशासन मौसम की हर गतिविधि पर नजर रखे हुए हैं। लोगों व पर्यटकों को नदी-नालों व संवेदनशील इलाकों की ओर न जाने की हिदायत दी है।