अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने आईपीएच विभाग कुल्लू व मनाली के सात सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के सैंपल भरे हैं। बोर्ड ने सैंपल को जांच के लिए सुंदरनगर स्थित लैब के लिए भेज दिए हैं। इसकी रिपोर्ट करीब 15 दिन के बाद मिलेगी। ब्यास नदी की स्वच्छता को लेकर हाईकोर्ट सख्त है। ऐसे में अब हाईकोर्ट ने प्रदूषण बोर्ड को हर माह सीवेज के सैंपल भरने को कहा है।
गत माह मनाली के सीवेज के सैंपल फैल पाए गए। मनाली के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता 1.8 एमएलडी है, जबकि यहां रोज सीवेज 2.4 एमएलडी से अधिक आ रहा है और सैंपल भी फेल हो रह है। सीवेज की गंदगी से प्रदूषित हो रही ब्यास नदी की धार पर हाईकोर्ट स्वयं नजर रखे हुए और समय-समय पर कोर्ट की ओर से गठित कमेटी इसका निरीक्षण भी करती आई है। ब्यास और इसकी सहायक नदियों की स्वच्छता को लेकर हाईकोर्ट ने जिला प्रशासन के साथ, नगर परिषद, आईपीएच तथा प्रदूषण बोर्ड को कई बार फटकार लगाई है। हिमालयन पर्यावरण संरक्षण संगठन कुल्लू के अध्यक्ष अभिषेक राय ने कहा कि कुल्लू-मनाली में सीवरेज सिस्टम की सुविधा के अभाव के साथ सीवेज से भी गंदगी ब्यास में जा रही है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कुल्लू के सहायक अभियंता प्रदीप मोदगिल ने कहा कि उन्होंने मनाली के साथ जरड़, लंकाबेकर, भूतनाथ, शाढ़ाबाई, भुंतर व बदाह के सीवेज में सैंपल भरे हैं। सैंपल की रिपोर्ट आने पर इसकी एक रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश की जाएगी।
मनाली का सीवेज प्लांट हो अपग्रेड
कुल्लू। मनाली में एक मात्र सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में क्षमता से अधिक सीवेज आने तथा सैंपल फेल होने पर प्रदूूषण बोर्ड ने आईपीएच विभाग को प्लांट को अपग्रेड करने का आग्रह किया है। इसको लेकर बोर्ड ने कई बार विभाग को पत्राचार भी किए हैं। इसे अपग्रेड के साथ आधुनिक बनाने की बात कही है।