फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अब सुबह के समय स्कूल बसों पर पुलिस रखेगी कड़ी निगरानी

विज्ञापन
विज्ञापन
स्कूल बसों पर पुलिस रखेगी कड़ी निगरानी
विज्ञापन

कुल्लू शहर के निजी स्कूल बसों पर कसेगा शिकंजा
फिटनेस समेत अन्य चीजों को लेकर की जाएगी जांच
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। शहर के निजी स्कूलों पर कुल्लू पुलिस शिकंजा कसने जा रही है। नूरपुर हादसे के बाद अलर्ट हुई कुल्लू पुलिस अब सुबह के समय निजी स्कूल बसों पर कड़ी निगरानी रखेगी। इसी के साथ शहर के निजी स्कूूलों की बसों की जांच भी करने जा रही है। शुक्रवार को कुल्लू पुलिस निजी स्कूल बसों को एक स्थान पर बुलाकर सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए चेकिंग करेगी।
एक साथ कई स्कूलों की बसों की चेकिंग के लिए परिवहन विभाग से तकनीकी विशेषज्ञ को भी बुलाया जाएगा। चेकिंग में पासिंग, मेकेनिकल फिटनेस समेत अन्य चीजों की जांच की जाएगी। सुबह के समय निगरानी में ओवर स्पीड, ओवर लोडिंग को विशेष ध्यान दिया जाएगा। यदि जांच के दौरान खामियां पाई जाती है तो इन्हें सुधार के लिए मौका दिया जाएगा। बड़ी खामी पाए जाने पर कार्रवाई भी अमल पर लाई जा सकती है। वहीं इस संबंध में पुलिस अधीक्षक शालिनी अग्निहोत्री ने बताया कि निजी स्कूल बसों पर निगरानी के लिए अभियान को सुदृढ़ किया जाएगा। किसी भी प्रकार की खामी पर त्वरित कार्रवाई अमल पर लाई जाएगी।
विज्ञापन

अभिभावक भी अपनी जिम्मेवारी समझें : एसपी
एसपी शालिनी अग्निहोत्री ने कहा कि अभिभावक भी अपनी जिम्मेवारी समझें। ओवरलोड वैन या बस में बच्चे को न बैठाएं। बच्चे की सुरक्षा पर अभिभावकों को ध्यान देना जरूरी है। ओवरलोड वाहनों में बच्चों को बैठाना भी सही नहीं है। यदि बैठाने को जगह नहीं है तो अभिभावक स्कूल प्रबंधन या वाहन संचालक से संपर्क कर सकते हैं। कहीं भी ओवरलोडिंग या किसी अन्य प्रकार की दिक्कत अभिभावक को दिखती है तो वह उनसे किसी भी माध्यम से सूचना दे सकते हैं। अभिभावक का नाम गुप्त रखा जाएगा। सभी के सहयोग से ही खामियों को दूर किया जा सकता है।
विज्ञापन


वर्तमान में एएसपी रख रहे निगरानी
वर्तमान में सुबह के समय निजी स्कूल बसों और वैन में ओवरलोडिंग को लेकर एएसपी निश्चिंत सिंह नेगी निगरानी रख रहे हैं। अब इस निगरानी को कुल्लू पुलिस सुदृढ़ करने जा रही है। कुल्लू पुलिस का मानना है कि ओवरलोडिंग को रोकने के लिए खुद अभिभावकों समेत बुद्घिजीवी वर्ग को आगे आने की जरूरत है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें