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बिना पूर्व सूचना निहारनी डैम से छोड़ा जा रहा पानी

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बिना पूर्व सूचना निहारनी डैम से छोड़ा जा रहा पानी
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पूर्व में भी हो चुका है थलौट हादसा, दोबारा बरती जा रही लापरवाही
इन दिनों काफी संख्या में सैलानी कर रहे हैं घाटी का रुख
अमर उजाला ब्यूरो
लारजी (कुल्लू)। हिमाचल में पनविद्युत परियोजना प्रबंधन हादसों से सबक नहीं ले रहा है। थलौट हादसे के बाद अब सौ मैगावाट की सैंज जल विद्युत परियोजना में भी इसी तरह की लापरवाही सामने आ रही है। यहां बिना पूर्व सूचना डैम से पानी छोड़ा जा रहा है। पहले भी थलौट हादसा पेश आ चुका है। अब दोबारा लापरवाही बरती जा रही है।
आठ जून 2014 को देर सायं राज्य विद्युत परिषद की 126 मेगावाट लारजी पन विद्युत परियोजना के बांध से अचानक पानी छोड़ने से ब्यास नदी में फोटोग्राफी कर रहे वीएनआर इंजीनियरिंग कॉलेज हैदराबाद के 24 विद्यार्थी और एक टुअर ऑपरेटर पानी के तेज बहाव में बह गए थे। अब परियोजना प्रबंधन बिना पूर्व सूचना दिए डैम से पानी छोड़ रहे हैं। परियोजना के लिए सात किमी क्षेत्र से सैंज नदी को भूमिगत किया गया है। निहारनी में परियोजना का डैम है। डैम से पानी छोड़ने से पूर्व सायरन और लाउड स्पीकर वाली गाड़ी की कोई व्यवस्था नहीं है।
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थलौट हादसे के बाद सरकार ने इस तरह की व्यवस्था करना अनिवार्य कर दिया गया था। ग्रामीण लनग चंद, राजकुमार, सेस राम, ज्ञान चंद, कमल सिंह, थोलू राम, रेवती राम, मालती देवी, पुर्ध चंद, राम चंद के अनुसार न्यूली में एक सायरन लगाया गया है लेकिन वह भी बंद पड़ा हुआ है। डैम से कभी भी बिना सूचना दिए पानी छोड़ा जा रहा है। ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से परियोजना क्षेत्र का दौरा कर परियोजना प्रबंधन को सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश देने की मांग की है। ग्रामीणों ने कहा कि नदी किनारे बसे लोगों को जानमाल की क्षति का डर सता रहा है। लापरवाह परियोजना प्रबंधन स्थानीय लोगों की मांग को नजरअंदाज कर रहा है।
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ग्रामीणों ने रोपा, नुनुर बहली और करटाह जैसे आबादी वाले क्षेत्र में सायरन लगाने की मांग की है। सैंज क्षेत्र में हर वर्ष पर्यटकों की आवाजाही में लगातार इजाफा हो रहा है। यहां के नदी-नाले पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। ऐसे में यहां भी बड़ा हादसा होने का अंदेशा बना हुआ है। इस संबंध में परियोजना के अधीक्षण अभियंता सुरेश शर्मा ने कहा कि डैम से आगे सायरन लगाया गया है। इसके अलावा दूसरी जगहों पर भी यह यंत्र लगाने की योजना चल रही है। इधर, उपायुक्त कुल्लू युनूस ने कहा कि परियोजना प्रबंधन को सुरक्षा व्यवस्था दुरूस्त करने के निर्देश दिए हैं।
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