खनेरनाला-शुश पेयजल योजना की जांच शुरू
सहायक अभियंता की अगवाई में जांच को मौके पर पहुंची टीम
विभागीय जांच से मचा हड़कंप, ग्रामीणों में जगी इंसाफ की उम्मीद
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। सात साल से ठप पड़ी खनेरनाला-शुश पेयजल योजना की जांच शुरू हो गई है। आईपीएच विभाग के आदेश पर शुरू हुई विभागीय जांच से हड़कंप मच गया है। मंगलवार को 40 किलोमीटर दूर जांच के लिए पहुंची आईपीएच की टीम ने खनेरनाला स्थित पेयजल स्रोत के साथ-साथ शुश में बने आधा दर्जन टैंकों की जांच की है।
‘अमर उजाला’ ने तीन अप्रैल के अंक में एक करोड़ खर्चे, फिर भी हजारों की आबादी पेयजल को तरसी शीर्षक से प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था। जिस पर विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जांच शुरू कर दी है। मंगलवार को आईपीएच विभाग की टीम ने योजना की पाइपलाइन का भी जगह-जगह निरीक्षण किया। विभाग खनेरनाला-शुश स्कीम के फाइल को खंगालेगा। इस दौरान पीने के पानी के लिए तरस रहे ग्रामीण भी मौके पर पहुंचे थे। आईपीएच के सहायक अभियंता प्रकाश भारद्वाज की अध्यक्षता वाली टीम ने परियोजना के सभी पहलुओं का निरीक्षण किया। इसकी रिपोर्ट अधिशाषी अभियंता आनी को सौंपी जाएगी जो इसे सरकार को सौंपेंगे। मौके पर पहुंचे ग्रामीण लीला प्रसाद, मूल चंद, लोतम राम, जीवन राम, मेहर सिंह, अभिलाष कुमार, अशोक, कुंभ राम, गोपाल और चंद्र किशोर ने कहा कि शुश में बने सभी पांचों टैंक सालों से सूखे पड़े हैं। जांच शुरू होने से अब ग्रामीणों को इंसाफ मिलने की उम्मीद है।
अधिशाषी अभियंता रविंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि विभागीय आदेशों के अनुसार खेनरनाला-शुश पेयजल योजना की जांच शुरू कर दी है। सभी तथ्यों के आधार पर इसकी जांच चल रही है, योजना का विभागीय रिकॉर्ड भी चैक किया जाएगा। इसके बाद ही पूरी रिपोर्ट बना शिमला भेजी जाएगी।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2010-11 में आईपीएच विभाग द्वारा करीब एक करोड़ की लागत से तैयार की खेनरनालाी-शुश पेयजल स्कीम का लाभान्वित होने वाली चार पंचायतों को कोई भी लाभ नहीं मिल पाया है और करीब पांच हजार आबादी परेशानी झेल रही है।