फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कंटीली-झाड़ियों पर नंगे पांव नाचे कारकून

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

बंजार (कुल्लू)। जिले की सराज घाटी में फागली उत्सव पर अनोखा दैवीय चमत्कार देखने को मिला। सराज घाटी में फागली उत्सव के दौरान सैकड़ों लोग दैवीय शक्ति के गवाह बने। मुुखौटे पहन और पारंपरिक वेशभूषा में सजकर कारकूनों ने कंटीली झाड़ियों पर नृत्य किया। इस दौरान खास यह रहा कि इसमें किसी को भी चोट तक नहीं आई। चमत्कार को देख कर दर्शक हतप्रभ रह गए। देव और राक्षस के इस युद्ध में देवताओं की जीत हो इसलिए रात को लोगों ने राख फेंक कर बुरी शक्तियों को भी क्षेत्र से दूर भगाया।
विज्ञापन

बंजार की सराज घाटी में इन दिनों फागली उत्सव की धूम मची हुई है। गांव देउठा और कडाहिल में सालों पुरानी परंपरा को निभाते हुए कांटेदार झाड़ियों का ढेर लगाया गया। इसके बाद देवता के कारकूनों ने दैवीय शक्ति से कांटेदार बाढ़ को लांघ डाला। इसमें किसी को खरोंच तक नहीं आई। घाटी के गांव रोपा, तांदी, सजवाड़, वेलहों, बलौन, भूमिया, बाहू, नरांहा, पेखडी, शिल्ही, मोहनी, टील, पुजाली, शिकारीघाट आदि के गांवों में विष्णु नारायण के सम्मान में फागली मनाई जा रही है। इसमें पुराने मुखौटों और विशेष घास शरूली से निर्मित चोलू के साथ ढोल नगाड़ों की थाप पर नृत्य किया गया। बंजार खंड कारदार देवी देवता संघ के अध्यक्ष संगत राम ने कहा कि इस पर्व को मनाने के लिए गांवों के लोगों ने राख इकट्ठा कर रखी थी। फागली उत्सव में अश्लील गालियां देने की भी परंपरा है। राख फेंकने से क्षेत्र की बुरी शक्तियां दूर भागती हैं। लोगों की ओर से रखे कांटेदार झाड़ियों के ढेरों को कारकून दैवीय शक्ति आते ही इन पर नाचे। पूरी सराज घाटी में फागली उत्सव को धूमधाम से मनाया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें