अमर उजाला ब्यूरो
मनाली (कुल्लू)। 23 साल के लंबे अंतराल के बाद पर्यटन नगरी मनाली के विश्व विख्यात सोलंगनाला की ढलान पर स्कीइंग के शौकीन युवाओं को दमखम दिखाने का मौका मिला। जनवरी माह में कुल्लू में हुई भारी बर्फबारी से यह संभव हो पाया है। सोलंगनाला में शुरू हुए स्कीइंग के रोमांच को देखने केे लिए दर्शकों का खूब हुजूम देखने को मिला। इसमें 60 फीसदी पर्यटक शामिल थे।
हालांकि मनाली के आसपास बर्फबारी की कमी के चलते 1995 के बाद स्कीइंग प्रतियोगिता 23 साल तक नहीं हो पाई। लेकिन इस बार स्थानीय विधायक और खेल मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर के अथक प्रयासों से हिमाचल प्रदेश शीतकालीन खेल एसोसिएशन, पर्वतारोहण संस्थान मनाली, विंटर कार्निवाल कमेटी, राज्य शीतकालीन एसोसिएशन और पहली बार भारतीय ओलंपिक संघ को जोड़कर प्रतियोगिता करवाने का फैसला लिया। प्रदेश शीतकालीन खेल संघ के अध्यक्ष रूपचंद नेगी ने कहा कि राष्ट्रीय सीनियर स्कीइंग और स्नो बोर्डिंग प्रतियोगिता के प्रथम विजेता को 25 हजार, द्वितीय और तृतीय स्थान पर रहने वालों को 15 और 10 हजार की राशि मिलेगी। विंटर गेम्स के राष्ट्रीय संयोजक राकेश ने कहा कि आने वाले समय में हिमाचल को भी वर्ल्ड विंटर गेम्स प्रतियोगिता की मेजबानी करने का मौका मिलेगा। एक ओर जहां राष्ट्रीय विंटर गेम्स का आयोजन हो रहा है, वहीं सोलंगनाला की पहाड़ियों बर्फ से लकदक है। यह पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है।