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ऊझी घाटी में फंसी सेब की 20 हजार पेटियां

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मनाली (कुल्लू)। ब्यास में आई बाढ़ से सड़कों के टूटने पर ऊझी घाटी में करीब सेब की 20 हजार पेटियां फंस गई हैं। कुल्लू के साथ स्थानीय सब्जी मंडियों को जाने वाली सड़कें भी बंद होने से बागवानों की चिंता बढ़ गई है। उझी घाटी में सेब का तुड़ान अंतिम चरण में है। हालांकि कई बागवानों ने सेब का तुड़ान भी कर रखा है। लेकिन सड़कों के बंद होने से सेब खराब होने का डर सताने लगा है।
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घाटी के बागवान रोशन लाल ठाकुर, पूर्व प्रधान बालक राम नेगी, योग राज ठाकुर तथा बागवान भूपेंद्र ठाकुर ने बताया कि उझी घाटी में अभी तक सेब का 20 हजार से अधिक कार्टन फंसा हुआ है। उन्होंने कहा कि अगर जल्द ऊझी घाटी सड़कों से नहीं जुड़ी तो सैकड़ों बागवानों को करोड़ों रुपये का नुकसान उठाना पड़ेगा। बताया कि सेब के पेड़ों में पकने से सेब झड़ना भी शुरू हो गया है। अधिकतर बागवानों ने सेब का तुड़ान कर इसे गोदाम में रखा है। ऐसे में इसके खराब होने की आशंका है। ब्यास में 1988, 1992 और 1995 में आई बाढ़ के कारण भी ऊझी घाटी के बागवानों को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ तथा सरकार की ओर से कुछ सहायता नहीं दी गई। बागवानों का कहना कि वे पहले ही कम सेब उत्पादन होने से नुकसान झेल रहे हैं। घाटी के किसानों-बागवानों की समस्या को देखते हुए दोनों तरफ डबललेन सड़क का निर्माण किया जाना चाहिए। घाटी के लोगों की यह मांग सदियों से चल रही है। कुल्लू-मनाली मुख्य रोड बंद होने से पर्यटकों व बागवानों को लेफ्ट बैंक होकर आवाजाही की मदद मिल सकेगी। ऐसे में प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन को इस दिशा में कदम उठाने की जरूरत है।
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