अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। डीजल के बढ़ते दामों को लेकर जिला कुल्लू में निजी बस ऑपरेटरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल का असर मंगलवार को दूसरे दिन भी देखने को मिला। निजी बसें नहीं चलने से पर्यटकों के साथ किसानों-बागवानों, सरकारी कर्मचारियों व आम लोगों को परेशानी हुई। सुबह से बस अड्डों, चौक व बस स्टॉप पर लोग बसों के लिए घंटों तक खड़े रहे।
सवारियों के लिए सबसे व्यस्त जिला मुख्यालय ढालपुर चौक में मंडी व बंजार की ओर जाने वाली सवारियों को दो से तीन घंटे तक बसों के लिए धूप में इंतजार करना पड़ा। यही हाल कुल्लू-मनाली रूट पर देखने को मिला है। भाग चंद, जेएन शर्मा, तारा चंद, बिमला देवी, इंद्रा देवी, सीमा देवी, कौशल्य देवी तथा भादर सिंह ने कहा कि उन्हें बंजार जाना है। लेकिन ढालपुर चौक में सुबह साढ़े दस बजे से बस का इंतजार करते रहे और दो घंटे बाद भी उन्हें बस नहीं मिली है। भादर सिंह तथा किशोरी लाल ने कहा कि उन्हें मंडी की तरफ जाना था। बसें न मिलने से उन्हें परेशान होना पड़ा। उन्होंने कहा कि जो बसें आ रही हैं, वह पूरी तरह भरी है। उसमें पैर रखने के लिए भी जगह नहीं थी। जिला में चलने वाली निजी बसों के लगभग 300 रूट पूरी तरह से प्रभावित हुए हैं। एचआरटीसी ने दोपहर बाद चार बजे तक कुल्लू से भुंतर व बजौरा के बीच 30 चक्कर और कुल्लू से मनाली के बीच 14 चक्कर लगाए हैं। निजी बसें कुल्लू से भुंतर-बजौरा व औट के बीच रोजाना 150 चक्कर और मनाली के लिए 40 चक्कर लगाती हैं। ऐसे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि लोगों को कितनी परेशानी हुई। उधर, निजी बस ऑपरेटर संघ कुल्लू के अध्यक्ष रजत जम्बाल, सदस्य अनवर भारती, चंदन करीर ने कहा कि मांगें पूरी न होने तक हड़ताल जारी रहेगी।
सुविधा के लिए 20 इलेक्ट्रिक बसें चलाईं
कुल्लू। हड़ताल से आम लोगों को पेश आई परेशानी को देखते हुए एचआरटीसी ने मंगलवार को 20 इलेक्ट्रिक बसें चलाई। आरएम कुल्लू डीके नारंग ने कहा कि निगम ने पर्यटकों व आम लोगों को राहत देने के लिए हर संभव प्रयास किया है। निगम ने कुल्लू से भुंतर व बजौरा, कुल्लू और मनाली के लिए अतिरिक्त बसें चलाई। इसके लिए निगम ने चालकों-परिचालकों के अवकाश को भी रद्द किया है।