कुल्लू। शहर के लिए बनी 23 करोड़ से बनी जलापूर्ति संवर्द्धन योजना के उद्घाटन के चार माह बाद भी शहर को 24 घंटे स्वच्छ पानी की सप्लाई नहीं हो सकी है। 11 सितंबर 2017 को इस महत्वाकांक्षी पेयजल स्कीम का उद्घाटन पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने किया था लेकिन विभाग की लेटलतीफी के चलते चार महीने बाद भी योजना सिरे नहीं चढ़ सकी है। बताया जा रहा है कि अब इसका लक्ष्य 31 मार्च से पहले रखा गया है।
जानकारी के अनुसार विभाग अभी स्कीम के निर्माण कार्य में लगा है और वाटर ट्रीटमेेंट प्लांट (जल संशोधन संयंत्र) का काम चल रहा है। उधर, शहरवासी चार महीनों से 24 घंटे स्वच्छ पेयजल की आस में हैं परंतु शहरवासियों पर विभागीय लेटलतीफी भारी पड़ गई है। मौजूदा समय में आईपीएच विभाग द्वारा पहले की तरह की सुबह व शाम के समय दो-दो घंटे पानी की सप्लाई दे रहा है। लोगों को उम्मीद थी कि 22.74 करोड़ की लागत से बनी जलापूर्ति संवर्द्धन योजना के बाद उन्हें 24 घंटे साफ सुथरा पानी मिलेगा लेकिन हैरानी की बात है कि अभी तक इस स्कीम का निर्माण कार्य ही पूरा नहीं हो पाया है।
शहरवासी टीकम राम, संजू, टेक सिंह, अमर सिंह, चमन सिंह, प्रेम सिंह, हीरा लाल, बुद्धि सिंह, इंद्र सिंह, बलदेव सिंह, राजन तथा प्रीतम ने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर स्कीम को निर्माण पूर्ण नहीं हुआ था तो पूर्व सरकार ने योजना को आधा अधूरा उद्घाटन क्यों किया? जिला भाजपा अध्यक्ष भीम सेन शर्मा ने कहा कि पूर्व की कांग्रेस सरकार ने चुनावी साल होने पर वोट की राजनीति करते हुए अधूरी स्कीम का ही लोकार्पण कर दिया था। जिसका लाभ चार माह बाद भी शहर की 25 हजार आबादी को नहीं मिल पाया है।
आईपीएच कुल्लू के अधिशासी अभियंता केआर कुल्लवी ने कहा कि पेयजल
स्कीम के जल संशोधन संयंत्र का निर्माण चल रहा है। 31 मार्च तक स्कीम पूरी तरह से तैयार हो जाएगी और शहर की जनता को स्वच्छ पानी मिलना शुरू हो जाएगा।
वर्तमान में आईपीएच विभाग करीब 40 लाख लीटर रोजाना पानी की सप्लाई शहरवासियों को कर रहा है। जलापूर्ति संवर्द्धन योजना के बनने से शहर को करीब 45 लाख लीटर अधिक पेयजल मिलेगा और शहरवासियों को दो टाइम के बजाए 24 घंटे सप्लाई की जाएगी।