अमर उजाला ब्यूरो
केलांग (लाहौल-स्पीति)। एक तरफ बीआरओ की एक कंपनी बर्फ हटाने में कीर्तिमान स्थापित कर रही है, वहीं दूसरी तरफ इसी बीआरओ की एक अन्य कंपनी की सुस्ती से जनता परेशान है। यहां बीआरओ की ढील की वजह से जनजातीय महिलाओं ने खुद बेलचा उठाकर उदयपुर-तांदी सड़क से बर्फ हटाने का काम शुरू कर दिया है।
स्थानीय महिलाओं ने अपने-अपने गांव के सामने से गुजरने वाली इस सड़क पर मिट्टी बिछाना शुरू कर दिया है, ताकि बर्फ जल्दी पिघल जाए। हिमाचल में बीआरओ का दीपक प्रोजेक्ट काम करता है और इस प्रोजेक्ट के अधीन लाहौल में 70 और 94 आरसीसी तथा स्पीति घाटी में 108 आरसीसी को सड़कों का जिम्मा दिया गया है। बीआरओ हर साल एक मार्च से मिशन रोहतांग के नाम से बर्फ हटाने का काम शुरू करता आया है। लेकिन इस बार देर से मुहिम की शुरुआत हुई है। हालांकि 70 आरसीसी ने स्तींगरी से तांदी पुल तक करीब 16 किमी के दायरे से बर्फ हटा दी है। 94 आरसीसी ने त्रिलोकनाथ जीरो प्वाइंट तक बर्फ हटाने का दावा किया है। लाहौल की पट्टन घाटी से तांदी-उदयपुर सड़क गुजरती है। लेकिन अभी तक सड़क बंद होने से पूरे इलाके में पिछले डेढ़ महीने से दूरसंचार सेवा ठप है। लोगों को बर्फ के बीच कई किमी पैदल चल कर फोन करना पड़ रहा है। 94 आरसीसी के कार्यप्रणाली से रुष्ट पट्टन के महिला मंडलों ने अब खुद सड़क से बर्फ हटाने का काम शुरू कर दिया है। जहालमा, फूडा, जुंडा, शंशा समेत दर्जनों गांव के महिला मंडलों ने रविवार को तांदी उदयपुर सड़क पर मिट्टी बिछाई है। महिलाओं ने बाकायदा बेलचा लेकर बर्फ हटाई है। गोहरमा के प्रधान अरविंद और जहालमा के सुरेंद्र किरु ने बताया कि बीआरओ के 94 आरसीसी की बेरुखी से नाराज महिलाओं ने खुद बर्फ हटाने का निर्णय लिया है। कहा कि सड़क, टेलीफोन और हेलीकॉप्टर सेवा को लेकर पट्टन की आठ पंचायतों ने लोकसभा चुनाव का बहिष्कार का एलान किया है।