अमर उजाला ब्यूरो
मनाली (कुल्लू)। पर्यटन नगरी मनाली अगले पर्यटन सीजन से पहले नए रंग में नजर आएगी। इसके लिए प्रदेश सरकार ने धरातल पर प्रक्रिया आरंभ कर दी है। मनाली में सैलानियों को किसी तरह की समस्या न हो, इसके लिए एक साथ तीन योजनाओं पर काम किया जाएगा। मनाली से रांगड़ी तक फोरलेन सड़क के निर्माण के साथ मनाली में ही ब्यास नदी पर फोरलेन पुल भी तैयार किया जाएगा।
पर्यटन नगरी में करीब 2500 वाहनों को एक साथ पार्क करने के लिए आधुनिक पार्किंग का निर्माण भी होगा। एक ही जगह पर बनने वाली आधुनिक पार्किंग से यहां वाहनों को सड़क पर खड़ा नहीं करना पड़ेगा। पर्यटन सीजन में मनाली में पर्यटकों के साथ आम लोगों को अपने वाहनों का खड़ा करने के लिए जगह नहीं मिल पाती है। ऐसे में गाड़ियों को सड़क के दोनों ओर खड़ा करने से पूरी मनाली का यातायात जाम होने से घंटों तक फंसे रहना पड़ता है। फोरलेन पुल बनाने का लक्ष्य एक साल रखा गया है। पुल बनाने के लिए सभी औपचारिकताओं को अंतिम रूप देते हुए ठेकेदार को जल्द कार्य शुरू करने के आदेश दिए गए हैं। वन, परिवहन एवं खेल मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने इसकी सूचना दी है। उन्होंने कहा कि मनाली में जाम की सबसे बड़ी समस्या है। ब्यास नदी पर बने वन-वे पुल के चलते रोहतांग व वामतट से होकर जाने वाली वोल्वो व अन्य गाड़ियों के जाम में फंसने से पर्यटकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि प्राथमिकता के तौर पर फोरलेन पुल की औपचारिकता पूरी कर कार्य आरंभ करने के आदेश दिए गए हैं।
ढाई किलोमीटर तक बनेगी फोरलेन रोड
मनाली। किरतपुर से मनाली फोरलेन मार्ग को कुल्लू तक ही फोरलेन बनाया जा रहा है। जबकि कुल्लू के रामशीला से लेकर मनाली तक डबललेन रोड बनाना ही प्रस्तावित है। जिसका निर्माण कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। लेकिन पर्यटन नगरी मनाली में जाम की समस्या को देखते हुए रांगड़ी से मनाली दो किमी तथा मनाली से रोहतांग दर्रा की ओर 250 मीटर तक फोरलेन रोड बनाया जाएगा।