अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू।
जिला में सेब-फल सीजन शुरू हो गया है। लेकिन सड़कों की हालत ठीक नहीं है। हर साल सीजन आता और चलता जाता है। सड़कों की हालत को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता। दर्जनों सड़कें ऐसी हैं, जो गड्ढों से भरी और कच्ची भी हैं। इन पर सफर करना खतरे से खाली नहीं है। कई जगह पर सड़कों को पक्का करने के नाम पर लीपापोती की जाती है। किसानों और बागवानों को उत्पाद मंडियों तक पहुंचाने में दिक्कत हो जाती है। इसके अलावा कई बार तो कुछ फल मंडी में पहुंचने से पहले ही खराब हो जाते हैं। एनएच समेत संपर्क मार्ग खस्ताहाल हैं। किसान-बागवान हर बार सरकार और प्रशासन से सड़कों की हालत सुधारने की मांग उठाते हैं, जो पूरी नहीं होती। जिला में सेब का लगभग एक हजार करोड़ों रुपये में कारोबार होता है। यहां पर हजारों की संख्या में बागवान हैं। 90 फीसदी लोगों की मुख्य आय का साधन सेब के बगीचे ही हैं।
बागवानी के लिए मशहूर कुल्लू जिला में सेब सीजन शुरू हो गया है। लेकिन मुख्य सड़कों सहित संपर्क मार्गों की हालत दयनीय बनी हुई है। ऐसे में बागवानों को सेब मंडियों तक पहुंचाने की चिंता सता रही है। हालांकि जिला प्रशासन ने सेब सीजन को देखते हुए दो माह पहले ही मुख्य सड़कों सहित संपर्क मार्गों को ठीक करने के निर्देश दिए थे। लोक निर्माण विभाग ने भी सड़कों को ठीक करने की हामी भरी थी। लेकिन सड़कों की हालत नहीं सुधरी। फोरलेन निर्माण के कारण एनएच-21 कुल्लू-मनाली, रामशिला-जिया के बीच कार्य चल रहा है। गर्मी के दौरान सड़कों में पेचवर्क का काम भी इस बार नहीं हो पाया है। ऐसे में लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
विभाग का दावा, नहीं आने देंगे परेशानी
लोक निर्माण विभाग ने दावा किया है कि सेब सीजन के दौरान बागवानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने देंगे। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता अनिल संगराही ने कहा कि सीजन के दौरान अगर कहीं सड़क खराब होती है तो विभाग के पास पर्याप्त मात्रा में मजदूर व मशीनें उपलब्ध हैं। सड़कों को ठीक करने की प्रक्रिया निरंतर चली हुई है। बागवानों को सेब सीजन के दौरान किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।
इन सड़कों की हालत है खराब
जिला की तुंग-बठाहड़, तुंग-टिल्लापुल, बाहू-गाड़ागुशैणी, घियागी-सजवाड़, चेत्थर-ग्राहों, जिभी-तांदी, बरनागी-मशिहार, देहुरी-घरटगाड़, छरोड़नाला-गनाखला, जरी-शांगचन, जरी-मलाणा, जच्छणी-लाशणी, भुंतर-नरोगी, भुंतर-कुल्लू-पीज, कुल्लू-खलाड़नाला, कुल्लू-बिजली महादेव, बारीपधरू-पेच्छा संपर्क मार्ग, रामशिला-जगोट सड़क, सेउबाग-गाहर, कुल्लू मनाली वाम तट, सैंज-न्यूली, सैंज-शांघड़, न्यूली-तलाहरा, सैंज-देहुरी, जगतसुख-भनारा, नग्गर-पुलगा, पनगां-हलाण-2 आदि सड़कें खस्ताहाल हैं।
रास्ते में खराब हो जाता है सेब
मणिकर्ण घाटी के बागवान युवराज ने कहा कि गड्ढों के कारण सेब मंडियों में पहुंचने से पहले दागी हो जाता है। इससे उन्हें सेब के अच्छे दाम नहीं मिलते हैं।
हर बार सड़कों की समस्या
मौहल के महेंद्र सिंह ने कहा कि बागवानों को हर बार खस्ताहाल सड़कों की समस्या का सामना करना पड़ता है। सरकार को इस बारे में कड़े निर्देश जारी करने चाहिए।
पहले ही सेब की फसल कम
बाशिंग के मोहन ने कहा कि इस बार सेब की फसल पहले से ही कम है। खराब सड़कों के चलते कुछ उत्पाद मंडी पहुंचने से पहले खराब होता है। इससे उनको नुकसान होगा।
दलदल से भर जाती हैं सड़कें
लरांकेलो के हीरा लाल विभू ने कहा कि कच्ची सड़कें बारिश में दलदल से भर जाती हैं। इससे बागवानों को कई बार पीठ पर उठाकर उत्पाद मुख्य सड़क पहुंचाने पड़ते हैं।
गड्ढों से भरे मार्ग ठीक किए जाएं
कराड़सू के खेख राम ठाकुर ने कहा कि सरकार व विभाग को चाहिए कि जिन सड़कों में गड्ढे पड़े हुए हैं, उन्हें ठीक करने का काम शुरू किया जाए।