बिगड़े मौसम से सेब फसल पर संकट के बादल
ओलावृष्टि और पारा लुढ़कने से बागवान चिंतित
कुल्लू में पहले चरण में हुई है बंपर फ्लावरिंग
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। बागवानी के लिए मशहूर कुल्लू घाटी में बिगड़े मौसम से सेब फसल पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। घाटी में हो रही मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि बागवानों की मेहनत पर पानी फेर सकती है। इस बार कुल्लू जिला में प्रथम चरण में बंपर फ्लावरिंग हुई है।
इस बार मौसम की बेरुखी के कारण बागवानों को नाशपाती की फसल को लेकर नुकसान का सामना करना पड़ा है। नाशपाती की फसल इस बार करीब 60 फीसदी कम बताई जा रही है। बागवानी विभाग फसल के आंकलन करने में जुट गया है। ऐसे में अब बागवानों को सेब की उम्मीद है। वहीं अब मौसम के बिगड़े तेवर को लेकर बागवानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं।
बागवान मनोज शर्मा, ओमप्रकाश, योगिंद्र, आशीष कुमार, अनिल, अरूण महंत, प्यारे चंद और सुमित गौतम के अनुसार प्रथम चरण में सेब बगीचों में बंपर फ्लावरिंग से बेहतर फसल होने की उम्मीद है लेकिन खराब मौसम से बागवानों की मेहनत पर पानी फिर सकता है। इन दिनों सेटिंग के लिए बगीचों में पॉलीनेशन का कार्य भी चल रहा है। वहीं, बागवानी विभाग के विषयवाद विशेषज्ञ उत्तम पराशर ने कहा कि सेब फसल के लिए करीब दो सप्ताह तक अगर मौसम साफ रहता है तो इस बार कुल्लू घाटी में बंपर फसल हो सकती है लेकिन ओलावृष्टि व खराब मौसम से फ्लावरिंग पर असर पड़ता है।