मनाली (कुल्लू)। मई-जून का समर सीजन निपटते ही सैलानियों का रोहतांग दर्रा में बर्फ के बीच मौज मस्ती का क्रेज भी कम हो गया है। अब रोजाना ऑनलाइन करीब 50 फीसदी ही परमिट बुक हो रहे हैं, जबकि अन्य परमिट खाली बच रहे हैं। सीजन निपटते ही मनाली में पर्यटन कारोबार आधा ही रह गया है। मौसम की करवट के साथ सैलानी अब यहां का रुख नहीं कर रहे हैं। वहीं, घाटी में रौनक भी अब कम होने लगी है।
सोलंगनाला, मणिकर्ण, वशिष्ट और मढ़ी-गुलाबा की ओर जाने वाले सैलानियों की तादाद काफी कम हो चली है। 15 दिन पहले तक रोहतांग में बर्फ पर अठखेलियों करने के लिए पर्यटक ऑनलाइन परमिट लेने को मारे-मारे फिर रहे थे, लेकिन अब हालत एकदम बदल गए हैं। सीजन के समय एक सेकेंड में करीब तीस हजार लोग आधिकारिक वेबसाइट को परमिट के लिए हिट कर रहे थे, लेकिन अब यह दबाव खत्म हो गया है और आधे से अधिक परमिट बच रहे हैं। रोहतांग के लिए ऑनलाइन परमिट जारी करने वाली वेबसाइट में सिर्फ 339 वाहनों ने ही परमिट लिए, जबकि एनजीटी ने आठ सौ तक पेट्रोल वाहनों को जाने की इजाजत दे रखी है। मनाली होटलियर एसोसिएशन के अध्यक्ष गजेंद्र ठाकुर का कहना है कि मनाली में होटलों का ऑक्युपेंसी रेट पहले जैसा नहीं है। जिला पर्यटन अधिकारी रत्न गौतम का कहना है कि मनाली के पर्यटन इतिहास के मुताबिक इन दिनों मनाली में ठहरने वाले सैलानी कम और ट्रैकिंग करने वाले सैलानी ज्यादा आते हैं। डीएसपी मनाली पुनीत रघु ने बताया कि पुलिस ने मनाली से लेकर रोहतांग पर सैलानियों की मदद के लिए हर जगह पुलिस कर्मी तैनात किए हैं, लेकिन अब पहले के मुकाबले सैलानी कम हो रहे हैं। एसडीएम मनाली हेमराज बेरवा ने बताया कि पर्यटन सीजन के ढलान पर होने के चलते मनाली में सैलानियों की संख्या कम होने के अलावा रोहतांग के लिए आधे ही परमिटों के लिए ऑनलाइन आवेदन आने के चलते आधे परमिट खाली रह रहे हैं।