कुल्लू में पल्स पोलियो अभियान के दौरान 0-5 साल के बच्चों को दवा पिलाती स्वास्थ्य कर्मी।-संवाद
कुल्लू। राष्ट्रीय पल्स पोलियो प्रतिरक्षण अभियान के तहत रविवार को जिला कुल्लू में शून्य से पांच वर्ष तक के 29,794 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई गई। स्वास्थ्य विभाग ने जिले के पांचों चिकित्सा खंडों में 403 बूथ स्थापित किए थे, जहां बच्चों को ''दो बूंद जिंदगी की'' पिलाई गई।
विभाग ने अभियान के तहत 29,425 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया था। इसके मुकाबले 29,794 बच्चों को दवा पिलाकर 101.25 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया गया।
पोलियो की वैक्सीन बच्चों को पोलियोमाइलाइटिस जैसी गंभीर बीमारी से बचाने के लिए बेहद आवश्यक है। यह शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को वायरस से लड़ने के लिए तैयार करती है, जिससे बच्चे इस बीमारी से सुरक्षित रहते हैं। इसी उद्देश्य से हर पात्र बच्चे तक पोलियो की खुराक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाता है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रणजीत ठाकुर ने बताया कि बूथ स्तर पर अभियान सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद अब 29 और 30 जून को स्वास्थ्य विभाग की टीमें और आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर उन बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाएंगी, जो किसी कारणवश बूथों तक नहीं पहुंच सके। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने पांच वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो की दवा अवश्य पिलाएं।
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पर्यटकों और प्रवासियों के बच्चे भी लाभान्वित
जिले में बच्चों का आंकड़ा बढ़ने का मुख्य कारण अन्य राज्यों से कुल्लू घूमने आ रहे पर्यटक भी हैं। जिले में हजारों की संख्या में रोजाना पर्यटक आ रहे हैं। ऐसे में इन पर्यटकों के बच्चों को भी स्वास्थ्य विभाग ने योजना के तहत कवर किया है। इसके अलावा जिले के विभिन्न क्षेत्रों में रह रहे प्रवासी कामगारों के बच्चों को भी दवा पिलाकर लाभान्वित किया है।