बंजार घाटी से अंधेरा दूर करने के लिए रात को भी जुटे रहे कर्मचारी
हाईवे-305 पर कुल्लू से बंजार को दूसरे दिन भी नहीं दौड़ीं 25 बसें
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। कुल्लू जिले में अगस्त के पहले हफ्ते में मौसम के खुलने से राहत की एक किरण नजर आई है। बारिश के कारण बंद पड़े 82 बिजली ट्रांसफार्मरों को ठीक कर करीब 100 गांवों में रोशनी लौट आई है।
बंजार और सैंज घाटी में बिजली बहाली के लिए कर्मचारी रात-दिन संघर्ष कर रहे हैं। हालांकि जिले में अभी भी 117 सड़कें बंद हैं और कुल्लू से बंजार तक बस सेवा दूसरे दिन भी बाधित है। जिला प्रशासन एवं विभागीय टीमों ने जनजीवन पटरी पर लौटाने के लिए युद्धस्तर पर राहत कार्य शुरू कर दिया है।
बिजली बोर्ड ने कुल्लू खंड में बंद 82 ट्रांसफार्मर बहाल कर दिए हैं। बंजार और सैंज घाटी में बिजली बहाल करने के लिए कर्मचारी रात-दिन संघर्ष कर रहे हैं। मंडी से पनारसा और बनाला से जोड़ी बिजली के मुख्य लाइन ध्वस्त होने से पूरी घाटी में अंधेरा पसरा है। बुधवार रात को कर्मचारी मशीनों की मदद से खंभों से बिजली के तारों को जोड़ते रहे। बोर्ड ने दावा किया है कि आठ अगस्त शाम तक घाटी में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
जिले में दूसरे दिन भी 117 सड़कें बंद रहीं। सड़कों की हालत इतनी खराब है कि एक मार्ग पांच से दस जगह अवरुद्ध है। कहीं पहाड़ी से मलबा गिरा है तो कहीं डंगा गिर गया है। हाईवे-305 को बहाल कर दिया है लेकिन बसों की आवाजाही दूसरे दिन भी कुल्लू से बंजार के बीच नहीं हो सकी। कुल्लू से बंजार के लिए करीब 25 सरकारी और निजी बसें चलती हैं। जिलावासियों ने उम्मीद जताई है कि अब मौसम साथ देगा और जल्द जनजीवन पटरी पर लौट आएगा।
भाग सिंह, निक्का राम, किशोर कुमार, लीला प्रसाद और नीरत ने कहा कि भूस्खलन के कारण सड़कें बंद होने से किसानों-बागवानों ने सेब का तुड़ान भी रोक दिया है। अतिरिक्त उपायुक्त अश्वनी कुमार ने कहा कि मौसम खुलने से राहत कार्यों को पटरी पर लाने का काम युद्धस्तर पर शुरू किया गया है।