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Kullu News: रोजाना दस मिनट की हंसी दूर भाग देगी तनाव

Sat, 03 May 2025 10:22 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
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जीवन में सेहतमंद रहने और तनाव दूर भगाने के लिए डालें खुश रहने की आदत
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चिंतन और चिंता एक सम्मान, रोग मुक्त बनाता है कुछ पल का हंसना
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जीवन में सेहतमंद और बीमारी से दूर रहना है तो खुश रहने की आदत डालें। कहते हैं कि चिंतन और चिता एक सम्मान है। ऐसे में चिंतन से जितनी दूरी बनाए रखें और जितना संभव हो हंसते रहें।
अपने व्यस्त लाइफ स्टाइल में रोजाना पांच से दस मिनट खुशी को दें। इससे तनाव मुक्त रहेंगे। साथ ही इससे गंभीर बीमारियों के भी बचाव होगा।
विशेषज्ञों की मानें तो खुश रहना शारीरिक और मानसिक तौर पर मनुष्य को तंदुरुस्त रखता है। इससे गंभीर से गंभीर बीमारियों से बचाव होता है। शरीर में सकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न होती है, जिसका फायदा सीधे तौर पर रोग मुक्त रहने में मिलता है।
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वर्तमान की भाग-दौड़ और चकाचौंध वाले वातावरण से चिंता और तनाव बढ़ रहा है। एक-दूसरे से बेहतर दिखने की होड़ में हर तीसरा व्यक्ति मानसिक तौर पर बीमार चल रहा है, लेकिन इस तनाव और बीमारी से दूर रहने में हंसना फायदेमंद हो सकता है। दिनचर्या में अगर हंसी को शामिल किया जाए तो बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक हर व्यक्ति मानसिक तनाव और बीमारियों से दूर हो सकता है और एक स्वस्थ जीवन जी सकता है।

आधुनिकता की चिंता छोड़ हम जितना हंसेंगे, उतना ही रोग मुक्त रहेंगे। चिकित्सक के नाते ओपीडी में मरीजों को तनाव मुक्त रहने के लिए खुश रहने की सलाह देता हूं। मरीज जितना खुश रहेगा, उतना ही बीमारी को भूल जाएगा। जल्द स्वस्थ होगा। -डॉ. कर्ण, खंड चिकित्सा अधिकारी नग्गर

हंसने से मानसिक दृढ़ता बढ़ती है। मानसिक बल को बढ़ावा मिलता है। यह मानसिक तनाव को कम करता है। हमें अव्यवस्थित लाइफ स्टाइल में हंसी को शामिल करना चाहिए। इससे शरीर में सकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न होगी। बीमारियों का खतरा भी कम होगा। -डॉ. सुरेश, एएमओ आयुष विभाग
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हंसने से कार्टिसोल हार्मोन में कमी आती है। कार्टिसोल चिंता को बढ़ाता है। जितना हंसेंगे, उतना कार्टिसोल हार्मोन में कमी आएगी। हंसने से शरीर पर प्रतिकूल असर पड़ता है और दिमाग अधिक सक्रिय होने से रचनात्मकता और निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है। -जीत राणा, प्रवक्ता एवं शोधार्थी शिक्षा विभाग
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