रथ मैदान में सरस मेले के दौरान लगी प्रदर्शनी।
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दशहरा उत्सव कुल्लू में राष्ट्रीय स्तर का सरस मेला सज गया है। सरस मेले में दस राज्यों हरियाणा, बिहार, मणिपुर, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, गुजरात, हिमाचल प्रदेश आदि के 55 हल्तशिल्प कलाकारों की प्रदर्शनी सज गई है।
मेले में हाथ से तैयार किए उत्पाद आकर्षण का केंद्र हैं। हिमाचल के सभी जिलों से स्वयं सहायता समूह अपने उत्पादों के साथ यहां आए हैं। हरियाणा के मिट्टी से तैयार किए उत्पाद स्टॉल में सजाए गए हैं। मिट्टी से बने सामान के माध्यम से लोगों को प्लास्टिक का कम इस्तेमाल करने का संदेश दिया जा रहा है। लोग इनको खूब सराह रहे हैं। वहीं मणिपुर के बांस से बनी टोकरी और रोजमर्रा में इस्तेमाल में होने वाले उत्पाद भी लोगों का आकर्षण बने हैं। लोग इन्हें धड़ाधड़ खरीद रहे हैं।
पश्चिम बंगाल का सूट पर किया कांथा आर्ट लोगों का ध्यान खींच रहा है। यहां हाथ से बने पर्स को भी लोग पसंद कर रहे हैं। उपायुक्त तोरुल एस रवीश ने कहा कि हस्तकला को बढ़ावा देने और स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाने के लिए दशहरा के बाद सरस मेला मनाया जा रहा है। अगले दस दिनों तक यहां लोग सामान खरीद सकते हैं। यहां पर लाए गए उत्पाद और उनकी गुणवत्ता उच्च स्तरीय है।