धारा 370 हटाने के मामले पर ये कहा
इसके अलावा कश्मीर से धारा 370 को हटाने के सवाल पर हजारिका ने कहा कि केंद्र सरकार का यह निर्णय काफी बेहतर रहा। हालांकि, कांग्रेस ने इसका विरोध किया, जिसकी वजह से देशभर से कांग्रेस को इसका खामियाजा भुगतना पड़ा और लोगों ने कांग्रेस के इस रवैये को नकार दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब और कश्मीर ने एक ही दर्द झेला है। दोनों ही राज्यों में पाकिस्तान का बड़ा हाथ रहा। पंजाब में अनुच्छेद 371 पर उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर के आठ राज्यों महाराष्ट्र, गुजरात, नागालैंड, असम, मणिपुर, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, सिक्किम, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश, गोवा और कर्नाटक सहित कई राज्यों को इसका विशेष प्रावधान दिया है। हालांकि पंजाब की मांग भी उसी तर्ज पर है, क्योंकि पंजाब ने कई वर्षों तक आतंकवाद झेला है।
1960 के दशक में पंजाब को था पाकिस्तान का समर्थन
हजारिका ने कहा कि पंजाब में 1960 के दशक में बहुत आंदोलन हुए। पंजाब में सशस्त्र आंदोलन को कम से कम पाकिस्तान का प्रत्यक्ष समर्थन प्राप्त था। हालांकि पूर्वोत्तर भारत में यह उतना आसान नहीं था। वहीं 1960 और 1970 के दशकों में पूर्वोत्तर के उग्रवादी आंदोलनों को पाकिस्तान और चीन का समर्थन प्राप्त था। हालांकि, बाद में यह समर्थन समाप्त हो गया, क्योंकि पाकिस्तान का विभाजन हो गया और चीन ने भी अपना समर्थन बंद कर दिया।