चार दिवसीय ऐतिहासिक दैहण छिंज मेले के समापन समारोह में मुख्यातिथि आयुष, युवा सेवाएँ एवं खेल मंत
- फोटो : कृपाल सिंह से घटना की जानकारी करती पुलिस।
सुलह (कांगड़ा)। आयुष, युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री यादविंद्र गोमा ने रविवार को चार दिवसीय ऐतिहासिक दैहण छिंज मेले के समापन समारोह में मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की। आयुष मंत्री ने मेले के मुख्य आकर्षण माली के विजेता और उपविजेता को पुरस्कृत किया।
आयुष मंत्री ने कहा कि मेले हिमाचल की संस्कृति के अभिन्न अंग हैं और प्रदेश के मेलों की माली (कुश्ती) का अपना स्थान है और अधिकतर मेलों की पहचान छिंज कुश्ती से ही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मेलों का मुख्य आकर्षण ही छिंज है। इनमें भारत वर्ष से पहलवान भाग लेते हैं। उन्होंने कहा कि छिंज अखाड़ों को भव्य रूप देने के लिए सरकार प्रयासरत है। उन्होंने छिंज अखाड़े के सौंदर्यीकरण के लिए 15 लाख रुपये देने की घोषणा की।
यादविंद्र ने कहा कि मेलों से लोगों में आपसी भाईचारा और मेल जोल बढ़ता है। उन्होंने दैहण मेला समिति को वर्षों से सफल आयोजन की बधाई देते हुए कहा कि आपसी भाईचारे के प्रतीक मेले हमारी संस्कृति को संजोए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण और संवर्धन के लिए सरकार संवेदनशील है। दैहण छिंज मेला की बड़ी माली में विजेता को 41 हजार और गुर्ज और उपविजेता को 30 हजार की राशि दी गई। वहीं, छोटी माली में विजेता को 25 हजार रुपये और गुर्ज और उपविजेता को 16 हजार रुपये की राशि से पुरस्कृत किया गया। संवाद