कांगड़ा। माता तारा देवी मंदिर स्थित वीरता में दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की ओर से आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् देवी भागवत महापुराण की कथा का मंगलवार को पांचवां दिन मनाया गया। इसमें कथाव्यास साध्वी मातंगी भारती ने पार्वती जन्म प्रसंग सुनाते हुए नारी सम्मान और उसकी समाज में भूमिका पर विशेष जोर दिया।
साध्वी ने कहा कि राजा हिमवान और रानी मैना की वर्षों की तपस्या से माता पार्वती का जन्म हुआ था। पुत्री के जन्म पर राजा हिमवान ने भव्य उत्सव का आयोजन किया। साध्वी ने यह भी कहा कि जिस भारत में पहले पुत्री के जन्म पर बड़े समारोह होते थे, वहीं आज कन्या भ्रूण हत्या, दहेज और अन्य कुरीतियों के कारण नारी का जन्म और सम्मान खतरे में हैं।
उन्होंने कहा कि नारी हर देश की समृद्धि का केंद्र होती है, लेकिन अपनी वास्तविक पहचान खोने के कारण आज पतन की कगार पर पहुंच चुकी है। इस स्थिति को सुधारने के लिए समाज में अध्यात्म ज्ञान का प्रचार-प्रसार आवश्यक है। कथा में शहर के गणमान्य नागरिक विनोद अग्रवाल, ओम प्रकाश, ईशवर दास, सुशील महाजन और अन्य लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।