धर्मशाला। पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन हिमाचल प्रदेश ने मंडी के सराज और थुनाग क्षेत्र के प्राकृतिक आपदा प्रभावितों के प्रति संवेदना प्रकट की है। साथ ही प्रभावितों की हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है। हालांकि एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष सुरेश ठाकुर ने साफ कहा कि पेंशनरों की पेंशन से एक दिन की राशि तथाकथित स्वयंभू नेता के कहने पर नहीं दी जाएगी।
मंगलवार को धर्मशाला में हुई बैठक में उन्होंने आरोप लगाया कि उक्त नेता सीमित जिलों से चुनाव करवाकर प्रदेशाध्यक्ष बने हैं। उन्हें सभी पेंशनरों की ओर से ऐसा निर्णय लेने का अधिकार नहीं है। सुरेश ने स्पष्ट किया कि पेंशनर प्रभावितों की सहायता करेंगे पर निर्णय लोकतांत्रिक ढंग से सभी की सहमति से लिया जाएगा, न कि किसी एकतरफा आह्वान के तहत।
उन्होंने राज्य कर्मचारियों के वेतन कटौती की अपील को भी अनुचित बताया। बैठक में यह भी कहा कि सरकार ने एसोसिएशन की कई मांगों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है, जिनमें जनवरी 2016 से जनवरी 2022 तक की संशोधित ग्रैच्युटी, कम्युटेशन, लीव इन्कैशमेंट, छठे वेतनमान की अदायगी और चिकित्सा बिलों का भुगतान शामिल है।
बैठक में कोषाध्यक्ष सेठ राम, अतिरिक्त महासचिव रविंद्र राणा, मुख्य सलाहकार डॉ. विजय शर्मा, उपाध्यक्ष श्रुति पाल शर्मा व प्रेस सचिव मनमोहन पठानिया सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।