धर्मशाला। पिछले दो माह से बारिश और धौलाधार पहाड़ियों पर बर्फबारी न होने से जिला कांगड़ा में पेयजल संकट गहरा सकता है। कांगड़ा में 100 से अधिक परियोजनाओं का जलस्तर कम होने लगा है। आने वाले 10 से 15 दिन के अंदर बारिश नहीं होती है तो कई पेयजल परियोजनाओं के जलस्तर में 20 से 25 फीसदी पर गिरावट आ जाएगी। ऐसे में कई उपमंडलों में लोगों को पेयजल की किल्लत से दो चार होना पड़ सकता है। जिले में इस समय 700 के करीब जलशक्ति विभाग की परियोजनाएं लोगों को पेयजल उपलब्ध करवा रहीं हैं। वहीं, इसके लिए अलावा 50 से अधिक सिंचाई योजनाएं भी हैं। ऐसे में बारिश ने होने पर इन परियोजनाओं पर असर पड़ सकता है।
इन क्षेत्रों में सबसे अधिक असर
जलशक्ति विभाग के मानें तो कांगड़ा के फतेहपुर, इंदौरा, बैजनाथ, जयसिंहपुर और पालमपुर क्षेत्र में 100 करीब पेयजल परियाजनाओं में आंशिक तौर पर पेयजल में गिरावट देखी जा रही है। इसी सूरत में अगर बारिश नहीं होती है तो यहां पर पेयजल परियाजनाओं के जलस्तर में कमी आ जाएगी। वहीं, विभाग ने इन क्षेत्रों में लोगों को पेयजल किल्लत न हो इसके लिए विभागीय स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। ताकि लोगों को समय पर स्वच्छ पानी उपलब्ध करवाया जा सके।
बारिश नहीं होती है तो आने वाले 10 से 15 दिन में कई परियोजनाओं में 20 से 25 फीसदी जलस्तर की गिरावट आ जाएगी। लोग पानी का सही प्रयोग करें, इसे व्यर्थ न गवाएं।
दीपक गर्ग, अधीक्षण अभियंता, धर्मशाला, जलशक्ति विभाग