नगरोटा बगवां (कांगड़ा)। राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना के चरण-2 को शुरू किया जा रहा है। यह योजना 100 से 500 किलोवाट तक क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजनाओं (एसपीपी) को स्थापित करने पर केंद्रित है। यह योजना राज्य के अक्षय ऊर्जा लक्ष्यों को हासिल करने में मील पत्थर साबित होगी। यह बात पर्यटन निगम के अध्यक्ष आरएस बाली ने कही। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में युवाओं को सशक्त बनाने और स्वच्छ ऊर्जा पहल को आगे बढ़ाने के दृष्टिगत सौर ऊर्जा के दोहन के लिए राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना के चरण-2 को शुरू करने का निर्णय लिया गया।
यह योजना 21 से 45 वर्ष की आयु के युवाओं को उद्यमशीलता के अवसर प्रदान करने के साथ-साथ कौशल विकास को प्रोत्साहित करेगी। सोमवार को कांगड़ा और नगरोटा बगवां में लोगों की समस्याएं सुनने के बाद बाली ने कहा कि राजीव गांधी स्टार्ट अप योजना के तहत प्रतिभागियों को तीन बीघा भूमि पर 100 किलोवाट क्षमता की परियोजना स्थापित करने के लिए 25 वर्षों तक लगभग 20,000 रुपये मासिक आय और क्रमशः पांच और दस बीघा भूमि में स्थापित की जाने वाली 200 किलोवाट और 500 किलोवाट क्षमता की परियोजनाओं के लिए 40,000 रुपये और एक लाख प्रतिमाह मासिक आय प्राप्त होगी।
उन्होंने कहा कि राजीव गांधी स्टार्ट अप योजना के तहत, वित्तपोषण में राज्य सरकार द्वारा 70 प्रतिशत बैंक ऋण उपलब्ध करवाने में सहायता और राज्य सरकार द्वारा 30 प्रतिशत इक्विटी प्रदान की जाएगी। सौर ऊर्जा डेवलपर को केवल 10 प्रतिशत जमानत राशि जमा करवानी होगी। यह जमानत राशि 25 वर्षों के बाद डेवलपर को वापस कर दी जाएगी। बाली ने कहा कि वर्तमान सरकार युवाओं को स्वरोजगार उपलब्ध करवाने और ग्रामीण स्तर पर सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य की बेहतर सुविधाएं देने के लिए कृत संकल्प है इसके साथ ही लोगों की समस्याओं का घर द्वार पर समाधान भी सुनिश्चित किया जा रहा है।