भूस्खलन प्रभावित गरडेड़ गांव से सामान को शिफ्ट करते आरएसएश के कार्यकर्ता। -संवाद
थुरल (कांगड़ा)। ग्राम पंचायत बछवाईं के गांव गरडेड़ में मंगलवार को हुए भूस्खलन से प्रभावित परिवारों के घरों से शुक्रवार को राहत कार्यों की जिम्मेदारी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, जिला पालमपुर के प्रचारक अजीत सिंह के नेतृत्व में 30 स्वयंसेवकों ने संभाली। दोपहर तीन बजे तक भूस्खलन से प्रभावित दो परिवारों के मकानों से सामान निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया।
स्वयंसेवकों ने प्रभावित परिवारों को आवश्यक वस्तुएं वितरित की। इस दौरान सेवा भारती समिति के सदस्य प्रदीप कुमार, समाज जागरण मंच के जोगेश राणा, संजय चौहान, राजेश गौतम और राजेश धीमान ने भी सहायता की। जिलाधीश कांगड़ा हेमराज बैरवा के आदेश पर राजस्व विभाग ने राहत शिविर में प्रभावित परिवारों के लिए एक बाथरूम का निर्माण कर दिया।
डॉ. श्याम सुंदर ने भूस्खलन से प्रभावित 14 परिवारों को प्रति परिवार पांच-पांच हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी। कृषि बैंक के चेयरमैन संजय सिंह चौहान और सुलह के विधायक विपिन सिंह परमार की धर्मपत्नी शर्मिला परमार ने प्रभावित गांव का दौरा किया और पीड़ितों को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। शर्मिला परमार ने 10 परिवारों को प्रति परिवार पांच-पांच हजार रुपये वितरित किए।
थुरल के तहसीलदार राजेश जरियाल ने बताया कि शुक्रवार शाम तक छह परिवारों के घरों से सामान निकाल लिया गया। इनमें से पांच परिवार राहत शिविर से सामान सहित किराए के मकानों में चले गए, जबकि एक परिवार का सामान राहत शिविर में रखा गया है। भूस्खलन से प्रभावित चार परिवार राज्य से बाहर हैं, जो शनिवार तक अपने घर पहुंचेंगे।
उन्होंने कहा कि गांव की जमीन अभी भी धंस रही है और प्रशासन ने सुरक्षा के लिए पुलिस का पहरा लगा रखा है। शनिवार से सेना के जवान प्रभावित चार परिवारों के घरों से सामान निकालने में मदद करेंगे।