भडियाडा गांव में अवैध खनन से लोग गुस्सा हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हालांकि फरवरी के शुरू में ही कांगड़ा और गगल के चौकी प्रभारी की ओर से मौके पर खनन करते हुए चार ट्रेक्टरों को पकड़ा गया है।
छापामारी में संलिप्त ट्रैक्टर चालकों को 18 हजार का जुर्माना भी किया गया है, लेकिन दूसरे ही दिन फिर खनन शुरू हो गया। ग्रामीणें ने आरोप लगाया है कि महज औपचारिक तौर पर छापामारी अभियान न छेड़ा जाए। बल्कि पूरे खनन गिरोह पर कड़ी नकेल कसी जाए। ग्रामीणों का कहना है कि खनन से क्षेत्र के साथ लगते लगभग चार गांव प्रभावित हैं। इसके साथ ही गज्ज खड्ड पर बने पुल को भी खनन से बड़ा खतरा है। खनन की वजह सेे ही मेहरना, त्रेंबला सड़क बंद पड़ी है। इसके साथ ही पानी की सप्लाई, संचार सेवा और बच्चों का स्कूल पहुंचना मुश्किल हो गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि लोक निर्माण विभाग को 65 लाख रुपये सड़क निर्माण के लिए फंड मिला। मगर पांच साल में सड़क नहीं बन पाई। इस पर कई बार विभाग के अधिकारियों से मुद्दा छेड़ा गया, लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से इस मामले में हस्तक्षेप करनी की मांग की है। वहीं, लोक निर्माण विभाग सव डिविजन लंज के एसडीओ अश्वनी शर्मा ने बताया कि निर्धारित बजट की मंजूरी मिलने पर ही सड़क निर्माण को पूरा किया जा सकेगा।