धर्मशाला। पशुपालन विभाग कांगड़ा ने भेड़ और बकरियों को पीपीआर (बकरी प्लेग) से बचाने के बाद अब गाय और भैंस प्रजाति के पशुओं को मुंह-खुर रोग से सुरक्षित रखने के लिए टीकाकरण अभियान शुरू कर दिया है। यह अभियान आगामी 16 मई तक पूरे जिले में जोर-शोर से चलाया जाएगा। इसके तहत विभागीय कर्मचारी घर-घर जाकर पशुओं का टीकाकरण करेंगे।
पशुपालन विभाग की उप निदेशक डॉ. सीमा गुलेरिया ने कहा कि पशुपालक अपने पशुधन की सुरक्षा के लिए इस टीकाकरण प्रक्रिया में कर्मचारियों का पूर्ण सहयोग करें। खास बात यह है कि इस बार टीकाकरण का पंजीकरण ऑनलाइन पोर्टल भारत पशुधन पर भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभियान के साथ ही विभाग द्वारा भेड़ और बकरियों को पीपीआर (बकरी प्लेग) जैसे जानलेवा रोग से बचाने के लिए भी टीके लगाए जा रहे हैं।
बीमारियों के लक्षण और बचाव के उपाय
डॉ. गुलेरिया ने बताया कि पीपीआर एक अत्यधिक संक्रामक वायरल बीमारी है, जो समय पर इलाज न मिलने पर पशुओं के लिए जानलेवा साबित हो सकती है।
मुंह-खुर रोग : पशुओं को तेज बुखार, मुंह से लार गिरना, जीभ, होंठ और खुरों में छाले व घाव होना। इससे दूध उत्पादन में भारी गिरावट आती है।
पीपीआर रोग : भेड़-बकरियों को तेज बुखार, नाक-आंखों से मवाद आना, बदबूदार दस्त और सांस लेने में दिक्कत होना।
पशुपालक रखें इन बातों का ध्यान
अपने पशुओं का समय-समय पर टीकाकरण अवश्य करवाएं।
संक्रमित पशु को स्वस्थ पशुओं से तुरंत अलग कर दें।
पशुशाला में नियमित साफ-सफाई और कीटाणुनाशक का छिड़काव करें।
बाहर से खरीदे गए नए पशुओं की पहले जांच कराएं, फिर झुंड में शामिल करें।