बरियाल (कांगड़ा)। धीमान कल्याण महासभा जोन नगरोटा सूरियां की बैठक संस्थापक सदस्य विद्यासागर धीमान की अध्यक्षता में हुई। बैठक में समाज की संगठित पहचान, सरकारी योजनाओं के समुचित लाभ, धीमान कल्याण बोर्ड के गठन तथा समाज से जुड़ी विभिन्न समस्याओं पर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में नवनियुक्त अध्यक्ष रबिंद्र धीमान ने समाज के लोगों से अपने नाम के साथ केवल ‘धीमान’ उपनाम (सरनेम) का प्रयोग करने का पुरजोर आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इससे समाज की एक स्पष्ट पहचान स्थापित होगी और सामाजिक एकजुटता को मजबूती मिलेगी। विभिन्न पदों व सरकारी-गैर सरकारी कार्यालयों में कार्यरत लोगों की समाज के प्रति पहचान उनके नाम से ही उजागर होनी चाहिए।
बैठक में अंतरजातीय विवाह योजना से जुड़ी विसंगतियों का मुद्दा भी प्रमुखता से गरमाया। रबिंद्र धीमान ने कहा कि लोहार समुदाय अनुसूचित जाति (एससी) और तरखान समुदाय अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की श्रेणी में दर्ज है। दोनों समुदायों की सरकारी श्रेणियां अलग होने के बावजूद इनके बीच होने वाले विवाहों में पात्र जोड़ों को सरकार की अंतरजातीय विवाह योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
रबिंद्र धीमान ने कहा कि लोहार समुदाय अनुसूचित जाति और तरखान समुदाय अन्य पिछड़ा वर्ग श्रेणी में आता है। दोनों अलग-अलग श्रेणियां होने के बावजूद इनके आपसी विवाह पर सरकार की निर्धारित अंतरजातीय विवाह योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। यह केवल आर्थिक सहायता का विषय नहीं बल्कि पात्र लोगों के हक का मामला है। सरकार को नियमों को स्पष्ट कर इन परिवारों को राहत देनी चाहिए।
महासभा ने मांग उठाई कि इसे तत्काल योजना के दायरे में शामिल कर पात्र लाभार्थियों को वित्तीय सहायता और सुविधाएं दी जाएं। इन मांगों को लेकर जल्द ही एक प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त से भेंट करेगा और राज्य सरकार के समक्ष धीमान कल्याण बोर्ड के गठन का प्रस्ताव भी रखेगा। बैठक में जोन की नई कार्यकारिणी का विधिवत गठन भी किया गया। इसमें गुलेर निवासी रबिंद्र धीमान को अध्यक्ष, लुदरेट के रबिंद्र धीमान को महासचिव और नंदपुर के फौजा सिंह को प्रवक्ता का दायित्व सौंपा गया। वहीं विद्यासागर धीमान को मुख्य संरक्षक तथा पीसी विश्वकर्मा व अशोक धीमान को मुख्य सलाहकार नियुक्त किया गया।