नूरपुर अस्पताल के डॉक्टरों की टीम व नवजात के परिजन। फोटो-संवाद
जसूर (कांगड़ा)। नूरपुर सिविल अस्पताल में दो माह के शिशु का जटिल हर्निया ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया गया। इससे शिशु के महत्वपूर्ण पेट के अंगों को बचाया जा सका। सर्जन डॉ. प्रवीन कुमार और एनेस्थेटिक डॉ. रूहानी महाजन के नेतृत्व में यह ऑपरेशन शिशु की उम्र और आकार के कारण बहुत चुनौतीपूर्ण था। शिशु को हर्निया की समस्या थी, जो अगर बिना उपचार छोड़ दी जाती तो पेट के अंगों को नुकसान पहुंचा सकती थी।
डॉ. प्रवीन कुमार और डॉ. रूहानी महाजन ने बताया कि जब बच्चे को लाया गया तो हर्निया फंस गया था। इसका तत्काल ऑपरेशन किया जाना जरूरी था, लेकिन बच्चे की उम्र को देखते हुए यह ऑपरेशन जोखिमपूर्ण था। अस्पताल की अपनी टीम ने मिलकर इसे चुनौती मानते हुए ऑपरेशन को सफलतापूर्वक किया। शिशु की अच्छी तरह से देखभाल की गई और अब वह स्वस्थ हो रहा है।
क्या बोले डॉक्टर
डॉ. प्रवीन कुमार ने कहा कि यह एक जटिल मामला था। ऐसे जटिल ऑपरेशन हिमाचल में आईजीएमसी, टांडा या पीजीआई में ही संभव है। नूरपुर अस्पताल की टीम ने इसे सफलतापूर्वक कर दिखाया। ऐसे ऑपरेशन के लिए निजी अस्पतालों में लाखों रुपये का खर्चा आ जाता है। डॉ. रूहानी महाजन ने कहा कि शिशुओं के लिए एनेस्थीसिया विशेष कौशल की आवश्यकता होती है। हम शिशु के ठीक होने से खुश हैं।
यह सफल ऑपरेशन हमारे मेडिकल स्टाफ की क्षमता और समर्पण का प्रमाण है। हम सभी मरीजों को सर्वोत्तम सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
डॉ. विवेक बन्याल, चिकित्सा अधीक्षक, सिविल अस्पताल नूरपुर