धर्मशाला। डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय एवं अस्पताल (टांडा) में विद्यार्थियों और स्वास्थ्य कर्मियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए दो नए बड़े हॉस्टलों का निर्माण किया जाएगा। मेडिकल कॉलेज में सीटों के विस्तार और स्टाफ की नई नियुक्तियों के कारण लंबे समय से अतिरिक्त आवासीय सुविधा की मांग उठ रही थी।
परियोजना के लिए टांडा प्रशासन ने जिला प्रशासन के साथ मिलकर कॉलेज के समीप ही 78 कनाल उपयुक्त भूमि का चयन कर लिया है। अब इस चयनित भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी की जानी है। करीब तीन वर्ष पूर्व इस भूमि का मूल्यांकन लगभग 78 करोड़ रुपये किया गया था। वर्तमान में भूमि के बाजार भाव बढ़ चुके हैं। इस संबंध में संशोधित बजट व प्रशासनिक स्वीकृति के लिए प्रदेश सरकार को औपचारिक पत्र भेजा गया है।
कॉलेज प्रशासन के मुताबिक, चिकित्सा सुविधाओं के आधुनिकीकरण और शैक्षणिक गतिविधियों में विस्तार के साथ ही यहां पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं तथा कार्यरत कर्मचारियों का आंकड़ा लगातार बढ़ा है। ऐसे में मौजूदा हॉस्टलों पर क्षमता से अधिक दबाव बन चुका है। नए हॉस्टल बनने से कॉलेज के करीब 1,500 विद्यार्थियों तथा 830 डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टाफ को रहने की बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी।
जिला प्रशासन और मेडिकल कॉलेज प्रशासन के स्तर पर भूमि चयन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब निर्माण से संबंधित आगामी औपचारिकताओं को पूरा किया जाएगा। दो नए बड़े हॉस्टलों के निर्माण से कॉलेज परिसर में रहने की सुविधा का विस्तार होगा और विद्यार्थियों व स्टाफ को इसका लाभ मिलेगा। -डॉ. मिलाप शर्मा, प्रिंसिपल, मेडिकल कॉलेज टांडा