न्यायालय ने 1-1 लाख रुपये लगाया जुर्माना, अदा न करने पर होगी अतिरिक्त कैद
मामले में तीसरे आरोपी पर दोष साबित न होने पर न्यायालय ने किया बरी
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मशाला। चरस तस्करी का आरोप सिद्ध होने पर दो दोषियों को न्यायालय ने 8-8 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोषियों को 1-1 लाख रुपये जुर्माना भी लगाया है और इसे अदा न करने पर दोनों दोषियों को एक वर्ष का साधारण कारावास भुगतना होगा। मामले में नामजद एक अन्य आरोपी पर आरोप साबित न होने पर संदेह का लाभ देते हुए बरी किया गया है। यह फैसला वक्फ ऑफ ट्रिब्यूनल (विशेष न्यायाधीश) जसवंत सिंह की अदालत ने सुनाया है।
जानकारी के अनुसार पुलिस थाना जवाली की टीम 3 अक्तूबर 2020 को नाकाबंदी के दौरान रात करीब 10 बजे कुठेड़ में वाहनों की जांच कर रही थी। इस दौरान बाइक सवार मौके पर पहुंचे और पुलिस को देखकर बाइक के पीछे बैठे व्यक्ति ने बैग झाड़ियों में फेंक दिया। बाइक चालक सोनू निवासी बलबाड़ डाकघर दडूंह और पीछे बैठे इंद्रजीत उर्फ बबलू निवासी अनूही डाकघर कोटला को रोक कर पूछताछ की। साथ ही इंद्रजीत की ओर से फेंक गए बैग की स्वतंत्र गवाहों के सामने तलाशी लेने पर 605 ग्राम चरस बरामद हुई।
आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस रिमांड में पूछताछ के बाद एक अन्य आरोपी का नाम भी सामने आया, जिसे पुलिस ने बाद में मामले में शामिल किया। अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कुल 16 गवाहों को पेश किया और साक्ष्यों के आधार पर यह साबित किया कि आरोपी इंद्रजीत और सोनू कुमार चरस की तस्करी में संलिप्त थे। अदालत ने दोनों को दोषी करार देते हुए 8-8 वर्ष के कठोर कारावास और 1-1 लाख रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। इस मामले की पैरवी जिला न्यायवादी संजीव राणा ने की।