धर्मशाला। कांगड़ा जिले में अप्रैल से मिशन तृप्ति योजना की शुरुआत होने जा रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं और छह माह तक के बच्चों के स्वास्थ्य और विकास पर ध्यान केंद्रित करना है। महिला एवं बाल विकास विभाग इस मिशन को धरातल पर उतारने के लिए पूरी तरह तैयार है। मिशन के तहत विभाग बाल विकास परियोजना अधिकारी, पर्यवेक्षक, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को विशेष प्रशिक्षण देगा। इस प्रशिक्षण में गर्भवती महिलाओं के खान-पान, व्यवहार और स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इसके बाद आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर गर्भवती महिलाओं को उनकी आदतों और खान-पान के बारे में जागरूक करेंगी।
मिशन तृप्ति का उद्देश्य
इस योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के खानपान और जीवनशैली में सुधार करना है। खासकर गर्भवती महिलाओं को पारंपरिक स्वस्थ आहार की ओर मार्गदर्शन देना और जंक फूड से दूर रखना है। साथ ही, बच्चों को छह माह तक केवल मां का दूध पिलाने के महत्व को भी समझाया जाएगा।
मिशन को अप्रैल से ही शुरू कर दिया जाएगा। पहले जिलेभर में बाल विकास परियोजना अधिकारी, पर्यवेक्षकों आशा और आंगनबाड़ी वर्कराें को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद धरातल पर कार्य होगा।
अशोक कुमार शर्मा, जिला परियोजना अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग कांगड़ा