नगरोटा सूरियां रेलवे स्टेशन से गुजरती ओएमएस उपकरण वाली रेलगाड़ी। -स्रोत : जागरूक पाठक
बरियाल (कांगड़ा)। पठानकोट-जोगिंद्रनगर रेल मार्ग पर मार्च के पहले सप्ताह में ट्रेनों की बहाली की उम्मीद बढ़ गई है। शनिवार को रेलवे बोर्ड के तकनीकी इंजीनियरों ने रेल इंजन के साथ ओसीलेशन मॉनिटरिंग सिस्टम (ओएमएस) उपकरण वाली स्पेशल बोगी जोड़कर पठानकोट से बैजनाथ तक ट्रैक की सघन मॉनिटरिंग की।
इस हाईटेक प्रणाली से पटरी की सुरक्षा और स्थिरता को जांचा गया है, जिसकी रिपोर्ट जल्द ही मंडल कार्यालय को सौंपी जाएगी। लंबे समय तक रेल सेवा बंद रहने के कारण रेलवे बोर्ड ने सुरक्षा की दृष्टि से ओएमएस उपकरण द्वारा ट्रैक का निरीक्षण अनिवार्य समझा। हालांकि, इससे पहले 24 फरवरी को रेल संरक्षा आयुक्त दिनेश चंद देशवाल और जम्मू के डीआरएम विवेक कुमार छह कोच वाली ट्रेन के साथ चक्की खड्ड पुल और ट्रैक का सफल अंतिम ट्रायल कर चुके हैं।
अब ओएमएस की पॉजिटिव रिपोर्ट मिलते ही इस रूट पर रेल सेवाओं को हरी झंडी दे दी जाएगी। उत्तर रेलवे मंडल जम्मू के डीआरएम विवेक कुमार ने बताया कि ओएमएस रिपोर्ट मिलते ही पठानकोट से बैजनाथ तक तुरंत प्रभाव से रेल सेवा बहाल कर दी जाएगी। रेलवे विभाग ने इसके लिए समयसारिणी भी तैयार कर ली है। ट्रेनों के दोबारा चलने से कांगड़ा घाटी के हजारों यात्रियों और पर्यटकों को बड़ी राहत मिलने की संभावना है, जो पिछले काफी समय से वैकल्पिक साधनों पर निर्भर थे।