नगर निगम हमीरपुर के तहत बजूरी में खड़े टिप्पर में कूड़ा भरते हुए सफाई कर्मचारी। स्राेत : जागरूक
हमीरपुर। स्वच्छ भारत स्वच्छ शहर अभियान के तहत नगर निगम हमीरपुर को ऊंचे पायदान पहुंचाने के लिए भले ही नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी प्रयासरत हैं लेकिन धरातल पर सफाई अभियान दम तोड़ता नजर आ रहा है। बजूरी वार्ड में कूड़े से भरी खड़ी गाड़ियां नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल पैदा कर रही हैं। यहां पर टिपर को कूड़ेदान बनाकर तीन-चार दिन से यहीं पर पार्क गया है। इससे स्थानीय लोगों को दिक्कतें पेश आ रही हैं।
नगर निगम हमीरपुर के तहत गीला कचरा तथा सूखा कचरा अलग-अलग लिया जाता है। गीले कचरे को दूसरी जगह निपटान के लिए भेजा जाता है। सफाई कर्मचारी छोटे वाहनों में गीला कचरा ले जाते हैं और बड़े टिपर में डालते हैं। जब तक यह टिपर पूरा नहीं भर जाता तब तक यहीं खड़ा रहता है।
टिपर की छत खुली होने के कारण इस पर पक्षी मंडराते रहते हैं। कई बार कौवे और अन्य पक्षी कूड़े को उठाकर ले जाते हैं जो कभी लोगों के आंगन तो कभी छत पर फेंक जाते हैं।
लोगों ने रोष जताया कि यह टिपर प्राकृतिक जलस्रोतों को दूषित कर रहा है। बदबू के कारण लोगों का जीना भी मुश्किल हो गया है। दुकानदारी पर विपरीत असर पड़ रहा है। लोगों ने कहा कि अगर यह नगर निगम की भूमि है तो भी यहां पर कूड़े के टिपर खड़े नहीं होने देंगे।
उन्होंने कहा कि पहले ये टिपर दूसरी जगह खड़े होते थे, लेकिन अब दो महीनों से इन्हें बजूरी में खड़ा किया जा रहा है। लोगों ने नगर निगम के अधिकारियों को चेताया कि अगर उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो मजबूरन संघर्ष का रास्ता अपनाना पड़ेगा। वहीं, कांग्रेस नेता डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा ने मौके का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि नगर निगम के अधिकारियों को इस बारे में अवगत करवाया जाएगा।
बजूरी में कूड़े की समस्या का मामला सामने आया है। इसमें टिपर में तिरपाल लगाना होता है। चालक ने तिरपाल नहीं लगाया था। इस समस्या का समाधान ढूंढा जा रहा है। अगर संभव हुआ तो टिपर को प्रतिदिन भेज दिया करेंगे।
-राम प्रसाद शर्मा, अतिरिक्त आयुक्त, नगर निगम हमीरपुर