धर्मशाला। तिब्बती राष्ट्रीय महिला विद्रोह दिवस की 65वीं वर्षगांठ पर तिब्बती महिलाओं और स्कूली छात्राओं ने मंगलवार को मैक्लोडगंज से कचहरी अड्डा धर्मशाला तक रैली निकालकर चीन के खिलाफ प्रदर्शन किया। महिलाओं ने इस दौरान चीन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और तिब्बत में चीन की ओर से बंदी बनाए तिब्बतियों की रिहाई की मांग उठाई।
इस दौरान महिलाओं ने तिब्बती निर्वासित केंद्रीय तिब्बती प्रशासन की ओर से तिब्बती राष्ट्रीय विद्रोह दिवस पर मुख्य बौद्ध मंदिर में इक्कठा होकर चीन की दमनकारी नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन शुरू किया। इसके बाद विभिन्न तिब्बती महिला संगठनों ने मैक्लोडगंज से धर्मशाला तक चीन के खिलाफ विरोध रैली निकालते हुए तिब्बती की स्वतंत्रता की मांग रखी। तिब्बती महिला संगठन की अध्यक्ष डोलमा ने कहा कि तिब्बत में रह रहे तिब्बतियों की चीन की दमनकारी नीतियों का सामना करना पड़ रहा और कई तरह की यातनाओं को सहना पड़ रहा है। ऐसे में अपने देश की आजादी की जंग में विद्रोह करते हुए कई तिब्बती शहीद हो गए थे। आज उन बलिदानियों को भी तिब्बती समुदाय याद कर रहा और तिब्बत में चीन की दमनकारी नीतियों का विरोध कर रहा है। उन्होंने कहा कि चीनी सरकार में तिब्बत में आजादी का आवाज उठाने वाले तिब्बतियों को बंदी बनाकर जेलों में डाल रखा और उन्हें कड़ी यातनाएं दी जा रही हैं।