नूरपुर उपमंडल के प्रमुख व्यावसायिक कस्बे जसूर में शनिवार को पुलिस-प्रशासन ने पटाखों के तीन गोदामों को सील कर दिया। प्रशासन की इस औचक कार्रवाई से पटाखा व्यापारियों में हड़कंप मच गया।
शनिवार शाम को एसडीएम राकेश कुमार प्रजापति और डीएसपी महिंद्र सिंह मन्हास की टीम ने एक संयुक्त अभियान के तहत पटाखा गोदाम मालिकों पर एक्सप्लोसिव एक्ट के तहत शिकंजा कसते हुए 3 पटाखा गोदामों को सीज कर यहां रखे लाखों रुपयों के पटाखे जब्त किए।
17 अक्तूबर को जसूर में स्थानीय लोगों की शिकायत पर एसडीएम राकेश कुमार प्रजापति ने पटाखा गोदामों का पुलिस दल के साथ औचक निरीक्षण किया। इस दौरान यह पाया गया था कि जसूर में जिन गोदामों में पटाखों की खेप रखी गई है, वह गोदाम एक्सप्लोसिव एक्ट 1884 के नियम 2008 की धारा 71, 74 के अंतर्गत तय मानकों पर खरा नहीं उतरते थे।
नतीजतन इन गोदामों के निरीक्षण के बाद एसडीएम ने गोदाम मालिकों को साफ तौर पर हिदायत देते हुए कहा था कि उनके गोदाम नियमों पर खरा नहीं उतर रहे हैं तथा जिन इलाकों में पटाखों के गोदाम हैं, वह ज्यादातर रिहायशी इलाका है। आग लगने की दशा में अग्निशमन के वाहन भी उक्त क्षेत्रों में आसानी से नही पहुंच सकते।
इसके चलते प्रशासन ने इन गोदाम मालिकों को गोदाम बंद करने की हिदायत देते हुए आदेशों की अवमानना पर उनके खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी थी।
इस संदर्भ में एसडीएम राकेश कुमार प्रजापति ने बताया कि उक्त गोदामों के निरीक्षण के बाद एक्सप्लोसिव एक्ट की धारा 133 के अंतर्गत गोदाम मालिकों को नोटिस निकाले गए थे, जिसमें साफ तौर पर एक तय समय सीमा के भीतर लाइसेंस तथा जरूरी दस्तावेज संबंधी सभी औपचारिकताएं पूरी करने की हिदायत दी गई थी।
उन्होंने कहा कि निर्धारित समयसीमा के भीतर औपचारिकताएं पूरी न करने के चलते प्रशासन ने इन गोदामों को सीज किया है। डीएसपी नूरपुर महिंद्र मन्हास ने बताया कि जसूर में 3 पटाखा गोदामों को सीज कर इनमें रखे सारे पटाखे जब्त कर लिए हैं। गोदाम मालिकों पर भी मामला दर्ज किया गया है।
पटाखे बेचने के लिए दुकानदारों को लेनी होगी अनुमति
एसडीएम राकेश प्रजापति ने कहा कि एक्सप्लोसिव एक्ट के तहत दुकानदारों को भी पटाखा बेचने के लिए प्रशासन से अनुमति लेनी होगी। नूरपुर तथा इंदौरा के थाना प्रभारियों को निर्देश दे दिए गए हैं कि जो दुकानदार बिना प्रशासन की अनुमति पटाखे बेचता पाया गया, उसके पटाखे जब्त किए जाएं।