फतेहपुर (कांगड़ा)। ऊपरी क्षेत्रों में हो रही बारिश का असर पौंग में देखा जा सकता है। पौंग बांध का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। मंगलवार सुबह नौ बजे बांध का जलस्तर 1,393.88 फीट दर्ज किया गया, जबकि इनफ्लो 1,60,369 क्यूसिक तक पहुंच गया। शाम छह बजे जलस्तर 1394.90 पहुंचा था और इनफ्लो 1,08,944 क्यूसिक रहा। बीते 24 घंटों में कैचमेंट एरिया में भारी बारिश हुई। सबसे अधिक बारिश नगरोटा सूरियां में 135.20 मिमी, हरसर में 108 मिमी, हरिपुर में 62.80 मिमी और गुलेर में 54.20 मिमी रिकॉर्ड की गई। पालमपुर में 48.60 मिमी और बैजनाथ में 52 मिमी बारिश दर्ज की गई।
ग्रामीणों ने बताया कि कई जगह सड़कें जलमग्न हैं और लोग जान जोखिम में डालकर ही आवागमन कर रहे हैं। कई स्कूल और घरों में पानी घुसने की स्थिति बनी हुई है। बीबीएमबी प्रशासन ने बांध से पानी को नियंत्रित तरीके से छोड़ा। वहीं, मंगलवार को दोपहर 12 बजे 1,394.30 फीट जलस्तर रहा और इस दौरान इनफ्लो 1,65,292 क्यूसिक रहा। दोपहर बाद 2 बजे 1,394.60 फीट जलस्तर पहुंचा। सायं 4 बजे 1,394.79 फीट जलस्तर रिकॉर्ड किया गया। शाम 5 बजे जलस्तर 1,394.85 फीट पहुंचा। इनफ्लो 1,05,089 क्यूसिक रहा। टरबाइन से 16,942 क्यूसिक और स्पिलवे से 42,953 क्यूसिक पानी छोड़ा गया। शाम 6 बजे बांध का जलस्तर 1394.90 फीट पहुंच गया। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में अलर्ट जारी किया है और राहत-बचाव दल हर समय तैयार हैं। जलस्तर खतरे के निशान 1,390 फीट से लगातार 4.90 फीट ऊपर रहा। एसडीएम फतेहपुर विश्रुत भारती ने कहा कि प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। प्रभावित पंचायतों और गांवों में अलर्ट जारी किया गया है। लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
पिछले सालों में यह रहा था जलस्तर
इस वर्ष पौंग बांध का जलस्तर रिकॉर्ड में सबसे अधिक है। 16 सितंबर 2025 को जलस्तर 1,394.90 फीट दर्ज किया गया। पिछले वर्षों की तुलना में यह आंकड़ा काफी ज्यादा है। 16 सितंबर 2023 को 1,387.52 फीट, 17 सितंबर 2023 को 1,387.73 फीट, 16 सितंबर 2024 को 1,365.58 फीट और 17 सितंबर 2024 को 1,365.43 फीट रिकॉर्ड हुआ था।