रैहन (कांगड़ा)। कारगिल विजय दिवस पर जहां पूरा देश वीर बलिदानियों के अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान को नमन कर रहा था, वहीं उपमंडल जवाली में कारगिल युद्ध के बलिदानी सुरिंद्र सिंह की स्मृति को लेकर प्रशासनिक उदासीनता देखने को मिली। उनके नाम पर संचालित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में रविवार को कारगिल विजय दिवस के अवसर पर कोई श्रद्धांजलि सभा या पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजित नहीं किया गया।
स्थानीय निवासियों ने इस पर गहरा रोष और निराशा जताई है। लोगों का कहना है कि उपमंडल जवाली की ढन पंचायत के वीर सपूत हवलदार सुरेंद्र सिंह ने मात्र 35 वर्ष की आयु में 20 जुलाई 1999 को कारगिल युद्ध के दौरान देश की रक्षा करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। वे पूरे क्षेत्र की शान हैं। संस्थान और स्थानीय प्रशासन द्वारा इस पावन अवसर पर शहीद को याद न करना बेहद दुखद है।
इस विषय पर आईटीआई की आईएमसी के चेयरमैन मनु शर्मा ने कहा कि बलिदानी के सम्मान में कार्यक्रम आयोजित करना संस्थान प्रबंधन का नैतिक दायित्व था। यदि ऐसा नहीं हुआ है तो यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
रविवार को छुट्टी होने के कारण कार्यक्रम नहीं हो सका। एक-दो दिन के भीतर संस्थान में शहीद के सम्मान में विशेष कार्यक्रम आयोजित करवाया जाएगा। - विनोद कुमार शर्मा, प्रधानाचार्य, आईटीआई