धर्मशाला। एचआरटीसी की बसों में महिलाओं को मिलने वाली किराया रियायत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर सवाल खड़े होने लगे हैं। रविवार को नूरपुर चौगान से गगल तक यात्रा कर रही एक महिला यात्री से वैध हिम बस कार्ड होने के बावजूद पूरे 133 रुपये किराये की वसूली का मामला सामने आया है।
पीड़िता का आरोप है कि बस परिचालक को कार्ड दिखाने और नियमानुसार छूट देने का आग्रह करने के बाद भी उनसे पूरा किराया वसूला गया। महिला यात्री ने रोष जताते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने महिलाओं को रियायती और सुगम यात्रा सुविधा देने के उद्देश्य से हिम बस कार्ड योजना लागू की है। लेकिन यदि धरातल पर कार्ड धारकों को ही इसका लाभ नहीं मिलेगा, तो सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का मूल उद्देश्य ही अधूरा रह जाएगा।
उधर, एचआरटीसी के पठानकोट डिपो के आरएम विजय कुमार ने कहा कि बस के अंतरराज्यीय (इंटर-स्टेट) रूट पर होने के कारण महिला यात्री को हिम बस कार्ड की छूट नहीं मिल सकी। सरकार के स्पष्ट निर्देश हैं कि इंटर-स्टेट रूटों पर चलने वाली बसों में महिलाओं को इस कार्ड के तहत किराये में छूट देय नहीं होगी।