धर्मशाला। पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए प्रस्तावित धर्मशाला अल्ट्रा रन इवेंट चर्चा से आगे नहीं बढ़ पाया। इस आयोजन को पर्यटन विभाग की ओर से क्षेत्र के ऐतिहासिक और पर्यटन स्थलों को जोड़ते हुए किया जाना था। इसको लेकर पर्यटन विभाग की ओर से प्रक्रिया भी शुरू की गई थी, लेकिन योजना सिरे नहीं चढ़ पाई। पर्यटन सीजन के दौरान इसे करवाने की योजना विभाग की ओर से बनाई गई थी, लेकिन अब बरसात शुरू होने के चलते इसके आयोजन पर संशय बन गया है।
मुख्यमंत्री की ओर से जिला कांगड़ा को प्रदेश पर्यटन राजधानी घोषित किया है। इसको लेकर विभिन्न गतिविधियों को शुरू करने के लिए पर्यटन विभाग की ओर भी प्रारूप तैयार किए गए। पौंग झील में शिकारा, मोटर-पैडल बोट और फ्लोटिंग रेस्टोरेंट को अप्रैल से शुरू किए जाने की बात विभाग की ओर से कही जा रही थी। अब बरसात भी शुरू हो गई है लेकिन अभी तक इसका संचालन भी नहीं शुरू किया जा सका है। वहीं, उपमंडल देहरा में देहरा फेस्ट का आयोजन भी सिरे नहीं चढ़ पाया। इसके आयोजन को बजट भी उपलब्ध करवाया गया था।
पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए बनाई गई योजनाओं के सिरे नहीं चढ़ पाना कांगड़ा के पर्यटन राजधानी की घोषणा पर भी सवालिया निशान उठा रहे हैं। उधर, जब इस बारे जिला पर्यटन विकास अधिकारी से दूरभाष के माध्यम से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।