ज्वालामुखी (कांगड़ा)। हिमाचल प्रदेश में 12वीं की परीक्षा पर पांच जून को होने वाली प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में फैसला होने की उम्मीद है। इससे पहले सीबीएसई के एग्जाम रद्द हो चुके हैं। लेकिन जिले के विद्यार्थी चाहते हैं कि प्रदेश सरकार और स्कूल शिक्षा बोर्ड कोविड नियमों की पालना के साथ परीक्षाएं करवाएं, जिससे छात्र अपना आकलन कर सकें और उन्हें अपनी प्रतिभा का पता चल सके। अमर उजाला के साथ अपनी राय साझा करते हुए अभिभावक भी चाहते हैं कि परीक्षा रद्द नहीं होनी चाहिए, बल्कि कोरोना प्रसार के कम होते ही परीक्षा जरूर करवाई जानी चाहिए।
परीक्षा होगा तो पता चलेगी परफार्मेंस
जमा दो कॉमर्स में अध्ययनरत विशाल ने बताया कि परीक्षाएं जरूर होनी चाहिए, ताकि उन्हें अपनी परफॉमेंस का पता चल सके। परीक्षा होने से उन्हें अपनी की हुई तैयारी का पता चलेगा।
बेकार चली जाएगी परीक्षा की तैयारियां
जमा दो के साहिल कौंडल ने बताया कि प्रदेश सरकार परीक्षाओं को रद्द न करे, बल्कि थोड़े समय में कोविड नियमों की पालना सहित परीक्षाएं करवाए, ताकि जमा दो की उनकी तैयारी निरर्थक न जाए।
प्रतियोगी परीक्षा में मायने रखते हैं अंक
वहीं दिव्या का कहना है कि अब वैक्सीन आ चुकी है तो वैक्सीन लगवाकर और पूरे नियमों के साथ परीक्षा करवाई जानी चाहिए। प्रतियोगी स्पर्धाओं के लिए भी जमा दो के परीक्षा अंक मायने रखते हैं इसलिए बोर्ड एग्जाम को हर सूरत पर करवाया जाना चाहिए।
बच्चों ने की है परीक्षा की पूरी तैयारी
वहीं अभिभावक आशा देवी का कहना है कि कोरोना काल चल रहा है। बच्चों को उनके अध्यापकों ने ऑनलाइन माध्यम से अच्छी पढ़ाई करवाई है। वहीं बच्चों ने भी परीक्षा को लेकर खूब मेहनत की है। इसलिए सभी नियमों का पालन करते हुए बोर्ड की परीक्षाएं अवश्य होनी चाहिए।