रैहन (कांगड़ा)। विधानसभा क्षेत्र जवाली के अंतर्गत हार-चेलियां-भरमाणा सड़क एफडीआर तकनीक से तैयार की गई थी, लेकिन तारकोल बिछाए जाने के महज एक महीने में ही सड़क जगह-जगह से उखड़ने लगी। बरसात की पहली फुहारों में ही सड़क की परतें निकलने लगी हैं, जिससे इसकी निर्माण गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि जिस सड़क को वर्षों के इंतजार के बाद बनाया गया था। वह कुछ ही दिनों में टूटने लगी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया है। साथ ही सड़क के किनारे पक्की नालियों का निर्माण न होने भी इसकी बर्बादी का एक बड़ा कारण बन रही है।
यह मार्ग जवाली–कुठेड़ सड़क के बाद एक प्रमुख वैकल्पिक संपर्क मार्ग है जो जवाली, इंदौरा और फतेहपुर विधानसभा क्षेत्रों को जोड़ता है। इसके अलावा यह मार्ग पर्यटन की दृष्टि से भी अहम है, क्योंकि यह सैलानियों को बाथू की लड़ी जैसे धार्मिक व पर्यटन स्थलों तक पहुंच प्रदान करता है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि इस मार्ग की पुन मरम्मत की जाए और गुणवत्ता के साथ कोई समझौता न हो। उन्होंने विभाग से सड़क निर्माण की उच्च स्तरीय जांच की भी मांग की है
वहीं, लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता मनोहर लाल शर्मा ने बताया कि तारकोल बिछाने के तुरंत बाद बरसात शुरू हो गई। इससे तारकोल ठीक ढंग से सेट नहीं हो पाया। लिहाजा बरसात बंद होने के बाद की ठेकेदार के द्वारा दोबारा मरम्मत करवाई जाएगी। सड़क निर्माण में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।