अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। मैक्लोडगंज में बिना वैध दस्तावेजों के पकड़े गए चीनी नागरिक लौ वेननियन से सुरक्षा एजेंसियों की पूछताछ तीसरे दिन बुधवार को भी जारी रही। इस मामले में मकान मालिक भी पुलिस और एजेंसियों के रडार पर है।
पुलिस और खुफिया एजेंसियां अब उस स्थानीय कड़ी की भी गहनता से जांच कर रही हैं, जिसके जरिये चीनी नागरिक मैक्लोडगंज पहुंचा और एक स्थानीय भवन में रहने लगा। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां लापरवाही के चलते अब चीन के पूर्व पुलिस कर्मी को पनाह देने वाले स्थानीय मकान मालिक के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज करने की तैयारी में हैं, ताकि भविष्य में सुरक्षा से खिलवाड़ को रोका जा सके।
एजेंसियों का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य भविष्य में किसी भी स्थानीय नागरिक द्वारा देश की सुरक्षा से खिलवाड़ को रोकना है। जांच एजेंसियां इस बात पर भी सख्त रुख अपना रही हैं कि स्थानीय भवन मालिक ने विदेशी नागरिक के ठहरने की जानकारी पुलिस या क्षेत्रीय विदेशी पंजीकरण कार्यालय को क्यों नहीं दी। विदेशी नागरिक अधिनियम 1946 के तहत किसी भी विदेशी के आगमन के 24 घंटे के भीतर सी-फॉर्म भरना अनिवार्य है।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक लैपटॉप, दो मोबाइल फोन और एक टैबलेट बरामद किए हैं, जिन्हें फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि आरोपी किन हैंडल्स के संपर्क में था और क्या उसने दलाई लामा के निवास या निर्वासित सरकार से जुड़ी कोई गुप्त सूचना साझा की है।