संवाद न्यूज एजेंसी बैजनाथ (कांगड़ा)। विश्वप्रसिद्ध पैराग्लाइडिंग साइट बीड़-बिलिंग घाटी के बिलिंग स्थित टेक ऑफ पॉइंट को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा। बिलिंग के टेक ऑफ पॉइंट के साथ लगती 26 कनाल वन भूमि अब पर्यटन विभाग के नाम होगी। प्रशासन ने एयरो स्पोर्ट्स के तहत एकत्रित राशि के माध्यम से वन विभाग के पास इस जमीन की देय राशि जमा करवाने के बाद दस्तावेजों की प्रक्रिया को पूरा कर लिया है। अब इस भूमि का पर्यटन की दृष्टि से विकास किया जा सकेगा।
वर्ष 1980 के दशक में पैराग्लाइडिंग के लिए बीड़ बिलिंग राष्ट्रीय मानचित्र पर सामने आई थी। इसके बाद इस साहसिक खेल के लिए बिलिंग अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर उभरी है। वन विभाग की भूमि होने के कारण इस पर सभी प्रकार के निर्माण कार्यों और अन्य गतिविधियों पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध रहा। यहां तक कि बिलिंग की वन विभाग की भूमि पर शौचालय तक का निर्माण बिना अनुमति के नहीं किया जा सका। अब पर्यटन विभाग और साडा के बजट से इस मनोरम पर्यटन स्थल को पर्यटकों के लिए विकसित किया जा सकेगा। साडा के चेयरमैन एवं एसडीएम संकल्प गौतम ने बताया कि जमीन को पर्यटन विभाग के नाम किए जाने की सभी औपचारिकताओं को पूरा कर लिया गया है। उधर, जिला पर्यटन विभाग के उप निदेशक विनय धीमान ने बताया कि अब इस भूमि को पर्यटन के तहत विकसित किया जा सकेगा।