कंडवाल (कांगड़ा)। विधायक रणवीर सिंह निक्का ने विधानसभा में नियम-62 के तहत ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाते हुए नागरिक अस्पताल नूरपुर में डॉक्टरों और स्टाफ की कमी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि अस्पताल में स्वीकृत 34 पदों में से 13 डॉक्टरों के पद रिक्त हैं। चीफ फार्मासिस्ट, नर्सिंग और फोर्थ क्लास स्टाफ के कई पद भी खाली हैं। इससे स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
निक्का ने कहा कि हिमाचल में प्रवेश के समय यह जिला कांगड़ा का पहला नागरिक अस्पताल है, जहां दुर्घटनाओं और आपात स्थितियों में लोगों को समय पर उपचार नहीं मिल पाता। गंभीर मामलों में मरीजों को लगभग 70 किमी दूर टांडा मेडिकल कॉलेज भेजना पड़ रहा है।
इस पर जवाब देते हुए स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल ने बताया कि अस्पताल में 115 बिस्तरों का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 में अभी तक 1,30,093 ओपीडी और 3,817 आईपीडी मरीज दर्ज हुए हैं। अस्पताल में अधिकांश उपकरण उपलब्ध हैं और अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे व लैब जांच की सुविधा प्रदान की जा रही है। मंत्री ने बताया कि अस्पताल में कुल 171 स्वीकृत पदों में से 48 पद रिक्त हैं।