बैजनाथ (कांगड़ा)। उच्च शिक्षा विभाग के उपनिदेशक की अगुवाई में सात सदस्यीय टीम ने उपमंडल के एक राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में प्रिंसिपल, शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों के बीच चल रहे विवाद की जांच की। यह जांच सुबह 10 बजे शुरू होकर देर शाम 5 बजे तक चली।
जांच दल में उपनिदेशक कार्यालय के चार अधिकारी, दो स्कूलों के प्रिंसिपल और एक गैर-शिक्षक कर्मचारी शामिल रहे। टीम ने स्कूल स्टाफ, नई और पुरानी एसएमसी के प्रतिनिधियों से अलग-अलग बयान लिए, जिनमें से कुछ को कलमबद्ध भी किया गया। इसके अलावा स्कूल का रिकॉर्ड के साथ ही एसएमसी का रिकॉर्ड भी कब्जे में लिया है।
दरअसल, अक्तूबर में मुख्यमंत्री कार्यालय में एक शिक्षक व गैर-शिक्षक कर्मचारी के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई गई थी। इसके बाद लगातार आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी रहा। बाद में प्रिंसिपल पर फंड के दुरुपयोग के आरोप भी लगे। हाल ही में पुरानी एसएमसी भंग कर नई एसएमसी का गठन हुआ। इस पर भी विवाद खड़ा हुआ। मामला दो बार पुलिस तक भी पहुंच चुका है और पुलिस जांच भी हो चुकी है।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के बैजनाथ दौरे के दौरान भी कुछ लोगों ने उनसे मामले में हस्तक्षेप की मांग की थी। अब पांच माह बाद विभागीय जांच टीम ने कार्रवाई की और एसएमसी व अन्य रिकॉर्ड कब्जे में लिया है।
उपनिदेशक उच्च शिक्षा विभाग कांगड़ा विकास महाजन ने कहा कि सभी कर्मचारियों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। रिकॉर्ड कब्जे में ले लिया गया है। पूरे मामले का विश्लेषण कर आगामी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, उन्होंने स्कूल स्टाफ को मिल-जुलकर कार्य करने के निर्देश दिए हैं। अब देखना होगा कि जांच रिपोर्ट किसके पक्ष में जाती है।