धर्मशाला। नशे के धंधे में संलिप्त एक तस्कर को तीन माह तक नजरबंद (निरुद्ध) रखने के नारकोटिक ड्रग्स और साइकोट्रोपिक पदार्थ अधिनियम (पीआईटी-एनडी एंड पीएस) अधिनियम के तहत डिटेंशन अथॉरिटी ने आदेश दिए हैं। जिला कांगड़ा पुलिस की ओर से पालमपुर के बिंद्रावन निवासी सागर को निरुद्ध रखने की मंजूरी डिटेंशन अथॉरिटी से मांगी थी। आरोपी के खिलाफ नशा तस्करी के चार मामले दर्ज हैं। इस पर जिला पुलिस कांगड़ा की ओर से यह मामला हिमाचल प्रदेश सरकार के अधिकृत अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया गया था। कांगड़ा पुलिस की ओर से यह दूसरा मामला है, जिसमें आरोपी को नजरबंद किया है। इससे पहले जिला कांगड़ा पुलिस ने धर्मशाला के समीपवर्ती सकोह के किरन को नजरबंद किया है।
एएसपी कांगड़ा हितेष लखनपाल ने बताया कि बिंद्रावन निवासी सागर लंबे समय से मादक पदार्थों के अवैध व्यापार में संलिप्त था। इसके विरूद्ध मादक पदार्थ अधिनियम के तहत चार अभियोग पंजीकृत थे। आरोपी बार-बार नशे के व्यापार में संलिप्त पाया गया। आरोपी के खिलाफ पालमपुर पुलिस थाना के अंतर्गत ही चार मामले दर्ज थे। इसमें 14 अप्रैल 2017 को 28 ग्राम चिट्टा पकड़ा था। इसके बाद 14 फरवरी 2020 को आरोपी से 1150 नशीले कैप्सूल और 23 छोटे पॉलीथीन में भी नशीली दवाइयां बरामद की थीं। आरोपी से 13 अप्रैल 2023 को 11 ग्राम और 30 अप्रैल 2024 को 6.62 ग्राम चिट्टा पकड़ा था। अब उसे उपीआईटी एनडीपीएस अधिनियम की धारा 3 के तहत तीन महीने के लिए कारागार में नजरबंद किया है।